कालसर्प दोष दूर करने का 1 रामबाण उपाय | Kaal Sarp Dosh Ke Upay

कालसर्प दोष दूर करने का 1 रामबाण उपाय | Kaal Sarp Dosh Ke Upay 🐍🐍🐉

कालसर्प दोष एक ऐसा दोष है जिसका नाम सुनते ही लोगों के मन में बहुत डर पैदा हो जाता है। जैसा कि नाम से ही बहुत डरावना सा लगता है। कालसर्प का मतलब होता है काला सांप। 

कल्पना कीजिए, यदि आपके सामने रात के अंधेरे में कोई काला सांप आ जाए। जैसे कि कोबरा, तो आप कि सिट्टि पिट्टी सब गुम हो जाएगी। डर के मारे हालत खराब जो जाएगी। ठीक यही बात है व्यक्ति के जीवन के साथ भी‌। ज्योतिष के अनुसार जन्म कुंडली में कालसर्प दोष एक भयंकर दोष माना जाता है। 

यद्यपि विभिन्न ज्योतिष के आचार्य इस कालसर्प दोष को बुरा नहीं मानते हैं तथापि लोक व्यवहार में कालसर्प दोष बहुत भयंकर एवं कष्टकारी माना जाता है। वास्तव में कुंडली में यदि कालसर्प दोष हो तो जातक का जीवन बहुत कष्टमय होता है। हर जगह परेशानी ही परेशानी दिखने लगती हैं। 

अतः कालसर्प दोष की शांति करना आवश्यक है। जी हां, आज के इस दुर्लभ आर्टिकल के माध्यम से हम आपको कालसर्प दोष दूर करने का 1 रामबाण उपाय बताने जा रहे हैं। 

इसके अतिरिक्त यदि आप कालसर्प दोष की पूजा करवाना चाहते हो तो उसके लिए भी विस्तार पूर्वक जानकारी दी जा रही है कि घर बैठे कैंसे कोई कालसर्प दोष को दूर कर सकता है। तो आइये, यदि आप भी कालसर्प दोष दूर करने का 1 रामबाण उपाय जानना चाहते हैं तो इस आर्टिकल को अंत तक अवश्य पढ़िएगा।

कालसर्प दोष दूर करने का 1 रामबाण उपाय | Kaal Sarp Dosh Ke Upay


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क्या होता है- कालसर्प दोष ( Kaalsarp Dosh Kya Hota Hai)

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कुंडली में बहुत सारे दोष एवं बहुत सारे शुभ योग भी बनते हैं। कुंडली के सभी दोषों में कालसर्प दोष बहुत ही भयानक एवं कष्टप्रद माना गया है। 

यद्यपि कालसर्प दोष की सटीक पहचान करने के लिए जातक की कुंडली का विश्लेषण करना अनिवार्य है। इसके अनुसार ही फलित करके- कालसर्प दोष ज्यादा अशुभ नहीं है अथवा बहुत ज्यादा भयंकर कष्टप्रद होने वाला है‌- इत्यादि बातों की पहचान की जाती है। 

सामान्य रूप से कुंडली में कालसर्प दोष बहुत ही अशुभ माना जाता है। ऐसे लोगों के जीवन में चारों तरफ से अंधेरा ही अंधेरा हो जाता है। कुंडली में सभी ग्रहों का राहु व केतु के अधीन हो जाना ही कालसर्प दोष की सामान्य पहचान है लेकिन अब आपको कालसर्प दोष से डरने की आवश्यकता नहीं क्योंकि यहां हम आपको कालसर्प दोष दूर करने का 1 रामबाण उपाय बताने जा रहे हैं। अतः इस आर्टिकल को ध्यान से पढ़ते रहिए।


कालसर्प दोष कितने वर्ष तक रहता है

यदि किसी भी व्यक्ति की कुंडली में कालसर्प दोष पाया जाता है तो सामान्य रूप से यह कालसर्प दोष व्यक्ति के जीवन के 49 साल तक रहता है। 

यह जरूरी भी नहीं कि यह केवल 49 साल तक ही रहेगा। कुछ परिस्थितियों में तो कालसर्प दोष यदि कुंडली में पाया जाता है तो यह जीवन भर के लिए ही होता है जब तक कि इसकी शांति न करवाई जाए। 


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क्या घर में कालसर्प दोष की पूजा हो सकती है

बिल्कुल, यदि कोई घर में ही काल सर्प दोष की शांति करवाना चाहे तो यह भी आसानी से हो सकता है। इसके लिए घर में ही कालसर्प दोष की शांति के लिए पूजा एवं जप हवन किया जा सकता है। इसके लिए पंडित पुजारी आदि को बुला कर कालसर्प दोष की शांति करवानी चाहिए। 

स्वयं से यदि कोई कालसर्प दोष की शांति करना चाहे तो कर सकता है लेकिन यह थोड़ा कठिन हो सकता है। कालसर्प दोष दूर करने का 1 रामबाण उपाय एवं कुछ चमत्कारिक उपाय आगे बताए जा रहे हैं जिनको कि स्वयं भी किया जा सकता है।


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कालसर्प दोष दूर करने का 1 रामबाण उपाय

यदि आप सभी कालसर्प दोष से परेशान हैं अथवा आपका कोई परिचित व्यक्ति कालसर्प दोष का सामना कर रहा है तो ऐसी स्थिति में सावधान होने की आवश्यकता है। यहाँ काल सर्प दोष को दूर करने का 1 रामबाण उपाय बताया जा रहा है। वैसे तो कालसर्प दोष को दूर करने के बहुत सारे उपाय हैं फिर भी ये कुछ उपाय चमत्कारिक व रामबाण शीघ्र फलदायी हैं।

उपाय 01- किसी भी दिन से शुरू कर लगातार सात दिनों तक राहु काल के समय, सिंहिका माता का ध्यान करें एवं ध्यान के वक्त "ओम नमः शिवाय" इस मंत्र का कम से कम 108 बार जप करें। इससे शीघ्र ही आश्चर्यजनक लाभ देखने को मिलेगा और कालसर्प दोष से छुटकारा मिल जाएगा।


उपाय 02- आर्द्रा अथवा शतभिषा नक्षत्र में जटा वाले नारियल को अपने सिर्फ पर 7 बार घुमाकर भगवान शिव शंकर का ध्यान करते हुए किसी नदी अथवा जल में बहा दें। यह कालसर्प दोष को दूर करने का बहुत आसान एवं चमत्कारिक उपाय है।


उपाय 03- यदि कुंडली में कालसर्प दोष अपनी चरम सीमा पर हो तो इसके निवारण के लिए किसी ब्राह्मण से दुर्वा (दूब) के साथ राहु का कम से 1100 जप करवाएं। इसके पश्चात हवन करें। यह कालसर्प दोष को दूर करने का सटीक व सरल विधान है।


उपाय 04- जिन लोगों की कुंडली में कालसर्प दोष हो ऐसे लोगों को भगवान शंकर की पूजा अवश्य करनी चाहिए। इसी के साथ नागराज देवता की पूजा भी अवश्य करें। ग्रहों के रूप में राहु ग्रह का विशेष जप करें या करवाएं। कालसर्प दोष को विस्तारपूर्वक समझने के लिए एवं कालसर्प दोष की शान्ति के लिए नीचे दिए गये वीडियो को ध्यानपूर्वक देखें। 


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कालसर्प दोष की पूजा कब व कैसे करनी चाहिए

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कालसर्प दोष की पूजा नाग पंचमी के दिन करने से शीघ्र ही फल मिलता है। नाग पंचमी के दिन भगवान शंकर का रुद्राभिषेक एवं नाग देवता का पूजन आदि करके कालसर्प दोष की शांति करवानी चाहिए। 

कालसर्प दोष का साक्षात संबंध नाग देवता से ही होता है। अतः नाग पंचमी के दिन कालसर्प दोष वाले जातकों को अवश्य पूजन करवाना अथवा स्वयं करना चाहिए। इस दिन राहु का विशेष जाप अवश्य करें। 

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