कालसर्प दोष का मंत्र- गुप्त व असरदार मंत्र 🐍 | कालसर्प दोष निवारण मंत्र: Kaal Sarp Dosh Mantra

क्या आप भी 🐍 कालसर्प दोष से परेशान हैं, क्या आपकी कुंडली में कालसर्प दोष है तो अब आपको चिंता करने की जरूरत नहीं है क्योंकि यहां आपकी समस्या का समाधान मिलने वाला है। 

जी हां, यदि आप कालसर्प दोष से परेशान हैं तो कालसर्प दोष का मंत्र यानी कि कालसर्प दोष की शांति का मंत्र या कालसर्प दोष से मुक्ति का मंत्र यहां बताया जा रहा है। 

वैसे तो कालसर्प दोष को दूर करने के विभिन्न तरीके हैं जिनमें से कालसर्प दोष की शांति पूजा, कालसर्प दोष के अन्य उपाय एवं त्र्यम्बकेश्वर महाकाल मंदिर में कालसर्प दोष की पूजा करवाना इत्यादि प्रसिद्ध है.....

लेकिन यहां हम आपको कालसर्प दोष का एक ऐसा मंत्र बता रहे हैं जिसका यदि आप जाप करते हैं तो आपको 7 दिनों के भीतर ही असरदार एवं प्रभावी चमत्कार देखने को मिलेंगे। 

यदि आप कालसर्प दोष से तुरंत छुटकारा पाना चाहते हैं और इसका सबसे रामबाण उपाय जानना चाहते हैं तो यहां क्लिक करें। कालसर्प दोष दूर करने का सबसे जबरदस्त तरीका

आज के इस आर्टिकल में हम आपको काल सर्प दोष से हमेशा हमेशा के लिए छुटकारा कैसे पाया जा सकता है, इसके लिए कालसर्प दोष मंत्र अर्थात कालसर्प दोष निवारण मंत्र बता रहे हैं..

तो आइए, यदि आप भी कालसर्प दोष से परेशान हैं, आपकी कुंडली में भी यदि राहु एवं केतु से सभी ग्रह बंधित हैं और कालसर्प दोष बना हुआ है तो यहां बताई जाने वाली बातों को एवं बताए गए मंत्र को ध्यान से देखें। 

इस आर्टिकल में कालसर्प दोष का गुप्त चमत्कारिक मंत्र दिया गया है। अतः इस आर्टिकल में एक एक बात को ध्यान से पढ़ें। तभी आप इस मंत्र का सही से जाप कर सकते हैं।


कालसर्प दोष क्या है, इसके कितने प्रकार हैं?

वैसे आपको कालसर्प दोष के बारे में तो पता ही होगा। कुंडली में राहु और केतु के बीच में सभी ग्रहों का आ जाना ही कालसर्प दोष कहलाता है। 

काल का मतलब समय होता है और सर्प का मतलब- अव्यवस्थित या टेढ़ा मेढा़ (ZigZag) यानी कि जब किसी व्यक्ति का जीवन बहुत ही ज्यादा संघर्षपूर्ण एवं टेढ़ा मेढ़ा और बहुत परेशानियों वाला हो जाता है तो यह जरूर हो सकता है कि आपकी कुंडली में कालसर्प दोष हो। 

यदि कालसर्प दोष के प्रकारों की बात करें तो कालसर्प दोष 12 प्रकार का होता है। 

इनमें से कुछ-कुछ कालसर्प दोष उतने घातक नहीं होते हैं लेकिन आम तौर पर देखा जाए तो सामान्य रूप से कालसर्प दोष अच्छा नहीं माना जाता है। हालांकि यदि कालसर्प दोष के बारे में नहीं जानते हैं तो यहां क्लिक करें- कालसर्प दोष के रहस्य व फायदे

हम आपको किसी भी प्रकार के कालसर्प दोष को दूर करने के लिए काल सर्प दोष निवारण मंत्र, कालसर्प दोष मुक्ति मंत्र, कालसर्प दोष की शांति के लिए सबसे असरदार प्रभावी मंत्र या कालसर्प दोष साधना मंत्र आदि बता रहे हैं। 

इसके अलावा कालसर्प दोष की पूजा कैसे की जाती है। उसकी जानकारी भी आगे दी जा रही है और सबसे महत्वपूर्ण बात कि आपको कालसर्प दोष के मंत्र का जाप कैसे करना है। उसके बारे में सभी आवश्यक बातें आगे बता रहे हैं।

इन्हें भी देखें 👇👇


कालसर्प दोष मंत्र

वैसे तो कालसर्प दोष को दूर करने के लिए बहुत सारे मंत्र हैं। सबसे पहले हम आपको कालसर्प दोष का सामान्य मंत्र बता रहे हैं। 

इसके बाद कालसर्प दोष के चमत्कारी प्रभावी मंत्र आगे बताए जाएंगे, परंतु कालसर्प दोष के मंत्रों से जरूरी इनका जाप करने के नियम के बारे में जानना जरूरी है। 

उसकी जानकारी भी यहां दी जा रही है। अतः एक‌ एक शब्द ध्यान से पढें। आइए, जानते हैं कालसर्प दोष मंत्र के बारे में

जैसे कि आपको पता होगा कालसर्प दोष दो ग्रहों के मेल से बनता है। इसमें राहु एवं केतु दोनों ही छाया ग्रह होते हैं। 

यह सभी ग्रहों को यदि बांध लेते हैं जा अपनी चपेट में ले लेते हैं तो समझ लें कि आपका जीवन ग्रसित हो जाता है। कालसर्प दोष के सबसे सामान्य एवं सरल मंत्र राहु एवं केतु से संबंधित हैं जो कि निम्नलिखित हैं। kaal sarp dosh mantra

राहु काल सर्प मंत्र-

।।ऊँ भ्रां भ्रीं भ्रौं स: राहवे नम:।।

केतु कालसर्प मंत्र-

।। ऊँ स्त्रां स्त्रीं स्त्रों सः केतवे नमः।।


उपरोक्त दोनों मंत्रों का जातक को नियमित रूप से जाप करना होता है। रोजाना 11 माला इन दोनों मंत्रों से पूरी करें। हालांकि यदि आप शीघ्र ही कालसर्प दोष से मुक्ति पाना चाहते हैं तो आपको निश्चित संख्या में दोनों मंत्रों की माला पूरी करनी होगी। 

इसके लिए आपको कम से कम 1 लाख से लेकर 11 लाख तक का जाप करना जरूरी है और हो सके तो एक हफ्ते या 11 दिन अथवा 1 महीने के भीतर किसी भी स्थिति में हो जाना चाहिए। उसके बाद आपको इसका हवन करना होता है। 

हवन में आप उपरोक्त राहु काल सर्प दोष मंत्र एवं केतु काल सर्प दोष मंत्र- इन दोनों मंत्रों का ही प्रयोग करें और इन्हीं से आहुति दें. इस प्रकार कालसर्प दोष से छुटकारा मिल जाता है।


आवश्यक जानकारी- हालांकि यदि आप स्वयं से कालसर्प दोष के उपरोक्त मंत्रों का जाप करने में असमर्थ हैं तो ऐसे में आपके लिए सबसे बेहतरीन माध्यम होता है- 

किसी एक अच्छे पंडित को बुलाना और उससे कालसर्प दोष की पूजा करवाना, लेकिन इस विधि में आपको पंडित जी को उनके अनुसार द्रव्य दक्षिणा एवं सामग्री के लिए खर्चा जरूर करना होगा। तभी आपकी पूजा सफल होगी। 

यदि आप कालसर्प दोष की पूजा करवाना चाहते हैं तो हमसे संपर्क कर सकते हैं। 

अथवा यदि आप जानना चाहते हैं कि क्या आपकी कुंडली में भी कालसर्प दोष है तो नीचे कमेंट में हमें अपनी डेट ऑफ बर्थ, नाम व जन्म स्थान भेजें। हम आपको कमेंट के माध्यम से इसका जवाब देते हैं। 

इन्हें भी देखें 👇👇


कालसर्प दोष का निवारण मंत्र

यद्यपि हमने आपको कालसर्प दोष का मंत्र पहले ही बता दिया है लेकिन ऐसा नहीं है कि इस मंत्र के अलावा कालसर्प दोष के अन्य मंत्र नहीं हैं। 

कालसर्प दोष को दूर करने के लिए बहुत सारे मंत्र हैं। इनमें से कुछ मंत्र राहु एवं केतु ग्रह से संबंधित हैं तो कुछ मंत्र साक्षात कालसर्प से ही ताल्लुक रखते हैं। 

अलग-अलग मंत्रों का अलग-अलग तरीके से असर होता है। यानी कुछ मंत्र ऐसे होते हैं जो बहुत ही जल्दी अपना असर छोड़ देते हैं। कुछ बीज मंत्र भी होते हैं, जो अन्य मंत्रों की अपेक्षा तुरंत प्रभाव दिखाना शुरू करते हैं, 

लेकिन उन मंत्रों का जाप करने में आपको उसी प्रकार से नियमों का भी ध्यान रखना जरूरी होता है। कालसर्प दोष का चमत्कारिक असरदार निवारण मंत्र नीचे बताया गया है।

।।ऊँ भ्रां भ्रीं भ्रौं फट् हौं जूं स्त्रां स्त्रीं स्त्रों सः राहवे नमः केतवे नमः स्वाहा।।

उपरोक्त दिया गया मंत्र कालसर्प दोष का बहुत ही असरदार गुप्त मंत्र है और यह मंत्र अन्य मंत्रों की अपेक्षा बहुत चमत्कारिक है, लेकिन सबसे बड़ी बात है कि इस कालसर्प दोष मुक्ति मंत्र का जाप करना काफी कठिन है। 

यदि आप स्वयं से इसका जाप करते हैं तो आपको बहुत सारे नियमों का पालन करना होगा। जैसे कि

  • उपरोक्त कालसर्प दोष निवारण मंत्र का जाप पुरुष को ही करना चाहिए।
  • महिला इस मंत्र का जाप न करें।
  • उपरोक्त मंत्र का जाप शनिवार के दिन ही किया जाना चाहिए।
  • बताया गया कालसर्प दोष निवारण मंत्र का जाप रुद्राक्ष की माला में करना जरूरी है।
  • जब भी इस मंत्र का स्वयं जाप करें तो सबसे पहले काल सर्प दोष यंत्र भी साथ में रखें। कालसर्प दोष यंत्र के साथ ही उपरोक्त बताए गए काल सर्प दोष निवारण मंत्र का जाप करें। 
  • यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि कालसर्प दोष यंत्र की आपको एक शनिवार से लेकर अगले शनिवार तक रोजाना पूजा करनी होती है।

उपरोक्त बताए गए काल सर्प दोष निवारण मंत्र के जाप में खानपान, शारीरिक एवं मानसिक शुद्धि से संबंधित विभिन्न बातों का ध्यान रखना जरूरी है। 

यदि आप उपरोक्त कालसर्प दोष मंत्र का जाप नहीं कर सकते हैं तो यहां आगे एक सामान्य व्यक्ति के लिए अन्य कालसर्प दोष मंत्र भी बताए जा रहे हैं।


कालसर्प दोष का गायत्री मंत्र

यदि आप एक सामान्य व्यक्ति हैं। आपके पास पूजा करवाने के लिए खर्चा नहीं है और आप कालसर्प दोष को दूर करने के लिए किसी सरल एवं प्रभावी मंत्र की तलाश में हैं तो कालसर्प दोष का गायत्री मंत्र आपके लिए किसी चमत्कार से कम नहीं है। 

गायत्री मंत्र के बारे में तो आपने सुना ही होगा कि समस्त ब्रह्मांड में सभी मंत्रों में सर्वश्रेष्ठ मंत्र गायत्री मंत्र होता है। गायत्री मंत्र विभिन्न प्रकार के होते हैं जिनमें से कालसर्प दोष गायत्री मंत्र भी एक है। 

यदि आप रोजाना कालसर्प दोष गायत्री मंत्र का जाप करते हैं तो इससे आपको एक हफ्ते में ही परिणाम दिखने लग जाते हैं। आइए, जानते हैं कालसर्प दोष का गायत्री मंत्र

पहला मंत्र

।।ॐ कालसर्पाय विद्महे, ग्रहरूपाय धीमहि तन्नो नागः प्रचोदयात्।।

दूसरा मंत्र

‌।। ॐ नवकुलाय विद्महे, विषदन्ताय धीमहि तन्नः सर्पः प्रचोदयात ।।

उपरोक्त दिए गए दोनों मंत्रों में से आप किसी भी एक मंत्र का जाप कर सकते हैं। यह दोनों मंत्र कालसर्प दोष के ही मंत्र हैं। इनमें से एक मंत्र सीधे कालसर्प दोष का मंत्र है तो दूसरा मंत्र सर्प गायत्री यानी नाग गायत्री मंत्र है।

इन्हें भी देखें 👇👇

इन दोनों मंत्रों का जाप प्रतिदिन सायं काल को करें। अन्य सरल से सरल व असरदार कालसर्प दोष शांति मंत्र आगे बताये जा रहे हैं।


कालसर्प दोष स्तोत्र मंत्र

स्तोत्र मंत्र भी अपने आप में चमत्कारी होते हैं लेकिन अन्य मंत्रों की अपेक्षा इनका फल थोड़ा देरी से मिल सकता है। 

स्तोत्र मंत्र में आपको जप करने की जरूरत नहीं होती है, बल्कि आपको इन स्तोत्र मंत्रों का पाठ करना होता है। कालसर्प दोष को दूर करने के लिए काल सर्प दोष के स्तोत्र मंत्र प्रसिद्ध हैं, जो कि निम्नलिखित हैं

अनन्तं वासुकिं शेषं पद्मनाभं च कम्बलम् शंखपालं धृतराष्ट्रं तक्षकं कालियं तथा।।१।।

एतानि नव नामानि नागानाम च महात्मनाम्। सांयकाले पठेन्नित्यं प्रातक्काले विशेषतः।।२।।

तस्य विषभयं नास्ति सर्वत्र विजयी भवेत।।

इति श्रीनवनागस्त्रोत्रं सम्पूर्णम् ll

उपरोक्त दिया गया स्तोत्र मंत्र सभी 12 प्रकार के कालसर्प दोष का निवारण मंत्र है। यदि कोई व्यक्ति रोजाना सुबह एवं शाम को उपरोक्त स्तोत्र मंत्रों का पाठ करता है तो शीघ्र ही वह काल सर्प दोष से मुक्त हो जाता है। 

इन मंत्रों का पाठ आप बिना माला के कर सकते हैं। यानी यह स्तोत्र मंत्र है। इनका आपको जप नहीं, बल्कि पाठ करना है।

यदि आप इन सभी कालसर्प दोष मंत्रों में सबसे ज्यादा सरल एवं असरदार मंत्र जानना चाहते हैं तो आगे ध्यान से पढ़ें।


कालसर्प दोष का शिव मंत्र

कालसर्प दोष को दूर करने के लिए भगवान शंकर का पंचाक्षर मंत्र बहुत ही ज्यादा असरदार माना जाता है। भगवान शिव के पंचाक्षरी मंत्र के बारे में तो आप जानते ही होंगे यह मंत्र है-

ॐ नमः शिवाय


जी हां, यह 5 अक्षरों वाला मंत्र जितना ज्यादा सरल प्रतीत होता है। उतना ही असरदार एवं चमत्कारी भी है। यह भगवान भोलेनाथ का मंत्र है। 

इसका जाप करने से सभी प्रकार के कालसर्प दोष दूर हो जाते हैं। इसका जप आप अपनी इच्छा एवं सामर्थ्य शक्ति के अनुसार कर सकते हैं। 

यदि आप चमत्कारिक ओम नमः शिवाय मंत्र के बारे में ज्यादा जानना चाहते हैं तो यहां क्लिक करें- ॐ नमः शिवाय मंत्र के चमत्कारिक रहस्य


कालसर्प दोष का मृत्युंजय मंत्र

कालसर्प दोष को दूर करने के लिए भगवान शिव का ही दूसरा मंत्र- महामृत्युंजय मंत्र भी किसी चमत्कार से कम नहीं है. 

जब भी कुंडली में सभी ग्रह राहु एवं केतु के अधीन हो जाते हैं तो सामान्य रूप से कालसर्प दोष माना जाता है। 

ऐसे में व्यक्ति को जीवन में बहुत ही भयानक विषम परिस्थितियों से भी गुजरना पड़ सकता है। 

इसीलिए कालसर्प दोष को दूर करने के लिए मृत्युंजय यानी महामृत्युंजय मंत्र बहुत ज्यादा प्रभावी एवं चमत्कारी होता है। कालसर्प दोष का मृत्युंजय मंत्र निम्न प्रकार से हैं

ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥

उपरोक्त दिए गए मंत्र का श्रद्धा भक्ति के साथ प्रतिदिन जाप करें। यदि आप उपरोक्त कालसर्प दोष महामृत्युंजय मंत्र के चमत्कार के बारे में नहीं जानते हैं, तो यहां क्लिक करें- महामृत्युंजय मंत्र के अनोखे फायदे एवं चमत्कार

कालसर्प दोष का चमत्कारी यंत्र

जिस प्रकार से किसी भी रोग या बीमारी से छुटकारा पाने के लिए मंत्र बहुत प्रभावी होता है। ठीक उसी प्रकार से यंत्र भी अत्यंत चमत्कारी होता है। 

कालसर्प दोष को दूर करने के लिए यदि आप मंत्र के साथ-साथ यंत्र का भी प्रयोग करते हैं तो आपको लगभग 7 दिनों के भीतर ही अपने जीवन में सुखद अनुभूति एवं सभी दुखों से छुटकारा मिलने लगेगा। 

कालसर्प दोष यंत्र को आप धारण भी कर सकते हैं, लेकिन ध्यान रहे काल सर्प दोष यंत्र धारण करने पर किसी भी प्रकार का मादक पदार्थ या मीट मांस आदि का सेवन न करें।

यदि आप ओरिजिनल सबसे चमत्कारी एवं प्रभावी असरदार कालसर्प दोष का चमत्कारी यंत्र घर बैठे प्राप्त करना चाहते हैं तो नीचे देखें।

कालसर्प दोष का मंत्र- गुप्त व असरदार मंत्र 🐍 | कालसर्प दोष निवारण मंत्र: Kaal Sarp Dosh Mantra

Buy Now


ऊपर दिया गया कालसर्प दोष का चमत्कारी यंत्र है। इसे आप मंगवा सकते हैं। मंगवाने के लिए उस पर क्लिक करें।


यदि आप कालसर्प दोष की पूजा करवाना चाहते हैं तो नीचे कमेंट के माध्यम से हम से संपर्क कर सकते हैं। अपने किसी भी प्रकार के सवाल को पूछने के लिए नीचे कमेंट बॉक्स का इस्तेमाल करें। 

इन्हें भी देखें 👇👇

इस आर्टिकल के नीचे आपको कमेंट बॉक्स मिलेगा। उसमें आप अपना कोई भी सवाल पूछ सकते हैं अथवा यदि आप अपनी कुंडली में कालसर्प दोष जानना चाहते हैं तो अपनी डिटेल्स देकर प्राप्त कर सकते हैं।


प्रिय बंधुओं एवं बहनों, आज के इस आर्टिकल में कालसर्प दोष मंत्र (kaal sarp dosh shanti  ) यानी कालसर्प दोष निवारण मंत्र, कालसर्प दोष साधना मंत्र, कालसर्प दोष मुक्ति मंत्र, कालसर्प दोष गायत्री मंत्र, कालसर्प दोष का पूजन मंत्र इत्यादि विभिन्न प्रकार के कालसर्प दोष मंत्र बताए गए। 

कालसर्प दोष से संबंधित किसी भी अन्य प्रकार की जानकारी के लिए इस वेबसाइट के मेनू बार में अवश्य जाएं। 

यदि आपका किसी भी प्रकार का कोई सवाल है तो नीचे कमेंट बॉक्स में पूछें। आपके सवाल का शीघ्र ही जवाब दिया जाता है। अतः इस वेबसाइट से अपडेट रहें।


Post a Comment

0 Comments