रोज पूजा में बोले जाने वाले मंत्र | नित्य बोले जाने वाले श्लोक PDF | नित्य पूजा में बोले जाने वाले मंत्र PDF | Daily Pooja Mantras In Sanskrit PDF
क्या आपको पता है कि रोज पूजा में बोले जाने वाले मंत्र कौन से हैं?, नित्य पूजा में कौन से मंत्र बोले जाते हैं?, रोज की पूजा में कौन सा मंत्र बोलना चाहिए? इस आर्टिकल में हम आपको Daily Pooja Mantras अर्थात् नित्य पूजा में बोले जाने वाले मंत्र बता रहे हैं। साथ नित्य पूजा में बोले जाने वाले मंत्र PDF फाइल भी प्रदान कर रहे हैं।
रोज पूजा करते समय हमें बहुत सी बातों का ध्यान रखना चाहिए। जिनमें सबसे महत्वपूर्ण है नित्य पूजा में बोले जाने वाले मंत्र का शुद्ध उच्चारण। यहाँ नीचे रोज पूजा लिए बोले जाने वाले मंत्रों की पूरी लिस्ट दी गयी है। इनका उच्चारण कैसे करना है। उसके लिए वीडियो भी दिया गया है।
नित्य पूजा में बोले जाने वाले मंत्र | Nitya Puja Mein Bole Jane Wale Mantra
सर्वप्रथम ब्रह्म मुहूर्त से दिनचर्या प्रारंभ होती है। अतः प्रातः काल बोले जाने वाले श्लोक यहाँ दिए जा रहे हैं।
कराग्रे वसते लक्ष्मीः करमध्ये सरस्वती।
करमूले तु गोविन्द प्रभाते करदर्शनम्।।
वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटिसमप्रभ।
निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा।।
कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने।
प्रणतक्लेशनाशाय गोविन्दाय नमो नमः।।
गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णुः गुरुर्देवो महेश्वरः।
गुरुः साक्षात् परं ब्रह्म तस्मै श्रीगुरवे नमः।।
अखंडमंडलाकारं व्याप्तं येन चराचरम्।
तत्पदं दर्शितं येन तस्मै श्रीगुरवे नमः॥
शान्ताकारं भुजंगशयनं पद्मनाभं सुरेशं विश्वाधारं गगन सदृशं मेघवर्ण शुभांगम् । लक्ष्मीकांत कमलनयनं योगिभिर्ध्यानगम्यं वन्दे विष्णु भवभयहरं सर्व लौकेक नाथम् ॥
सशंखचक्रं सकिरीटकुण्डलं सपीतवस्त्रं सरसीरुहेक्षणम्। सहारवक्ष:स्थलकौस्तुभश्रियं नमामि विष्णुं शिरसा चतुर्भुजम्।।
या देवी सर्वभूतेषु विद्या-रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
या देवी सर्वभूतेषु शक्तिरूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
सर्व मंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके।
शरण्ये त्र्यम्बके गौरी नारायणि नमोऽस्तु ते॥
जयंती मंगला काली भद्रकाली कपालिनी।
दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोऽस्तु ते।।
दुर्गे स्मृता हरसि भीतिमशेषजन्तो:
स्वस्थै: स्मृता मतिमतीव शुभां ददासि।
दारिद्र्यदु:खभयहारिणि का त्वदन्या सर्वोपकारकरणाय सदाऽऽर्द्रचित्ता॥
कर्पूरगौरं करुणावतारं संसारसारं भुजगेन्द्रहारम्।
सदा वसन्तं हृदयारविन्दे भवं भवानीसहितं नमामि।।
रामाय रामभद्राय रामचन्द्राय वेधसे।
रघुनाथाय नाथाय सीतायाः पतये नमः॥
लोकाभिरामं रणरंगधीरं राजीवनेत्रं रघुवंशनाथम्। कारुण्यरूपं करुणाकरं तं श्रीरामचंद्रं शरणं प्रपद्ये॥
करारविन्देन पदारविन्दं मुखारविन्दे विनिवेशयन्तम् ।
वटस्य पत्रस्य पुटे शयानं बालं मुकुन्दं मनसा स्मरामि ॥
वंशीविभूषितकरान्नवनीरदाभात्।
पीताम्बरादरुणबिम्बफलाधरोष्ठात् ।।
पूर्णेन्दुसुन्दरमुखादरविन्दनेत्रात्।
कृष्णात्परं किमपि तत्त्वमहं न जाने।।
मनोजवं मारुततुल्यवेगं, जितेन्द्रियं बुद्धिमतां वरिष्ठम्।
वातात्मजं वानरयूथमुख्यं, श्रीरामदूतं शरणं प्रपद्ये॥
वन्दे देव उमापतिं सुरगुरुं, वन्दे जगत्कारणम् । वन्दे पन्नगभूषणं मृगधरं, वन्दे पशूनां पतिम् ॥ वन्दे सूर्य शशांक वह्नि नयनं, वन्दे मुकुन्दप्रियम् । वन्दे भक्त जनाश्रयं च वरदं, वन्दे शिवंशंकरम् ॥
गंगातरंगरमणीयजटाकलापं गौरीनिरंतरविभूषितवामभागम् ।
नारायणप्रियमनंगमदापहारं
वाराणसीपुरपतिं भज विश्वनाथम्॥
ब्रह्मा मुरारी त्रिपुरांतकारी
भानु: शशि भूमि सुतो बुधश्च।
गुरुश्च शुक्रशनिराहुकेतव
सर्वे ग्रहा शांति करा भवंतु॥
नित्य पूजा में बोले जाने वाले मंत्र PDF
नित्य पूजा में बोले जाने वाले श्लोक यदि PDF रूप में चाहिए तो नीचे दिया गया है। हमें आशा है कि रोज की पूजा में कौन सा मंत्र बोलना चाहिए?, नित्य पूजा में कौन से मंत्र बोले जाते हैं?
Nitya puja mein bole jane wale mantra, रोज कौन सा मंत्र बोलना चाहिए?, सुबह पूजा करते समय कौन सा मंत्र पढ़ना चाहिए इत्यादि प्रश्नों का उत्तर आपको मिल गया होगा।
Daily Pooja Mantras In Sanskrit PDF
Daily Pooja Mantras In Hindi
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