आदित्य हृदय स्तोत्र के फायदे- यहाँ देखें 😍 | Aditya Hriday Stotra Benefits

क्या आप जानते हैं कि आदित्य हृदय स्तोत्र कितना चमत्कारिक है, क्या आप जानना चाहते हैं कि आदित्य हृदयम स्तोत्रम के क्या फायदे हैं, आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करने से क्या लाभ होता है, आदित्य हृदय स्तोत्र की पाठविधि क्या है, तो आइये, आदित्य हृदय स्तोत्र से जुडे आपके इन सभी सवालों का जवाब हम यहां दे रहें है. 

जी हां, आज की इस पोस्ट में आपको आदित्य हृदय स्तोत्रम् के अनोखे चमत्कारिक फायदे बताये जा रहे हैं. 

इसके अलावा- आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ कैसे करना है, इसके क्या नियम हैं, आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ कब करना चाहिए- इत्यादि आदित्य हृदय स्तोत्र से जुडी महत्वपूर्ण जानकारी भी यहां दी जा रही है. 

तो आइये, बिना किसी विलम्ब के जानते हैं आदित्य हृदय स्तोत्र के फायदों के बारें में (ओम् आदित्याय नमः) Aditya Hrudayam Benefits


आदित्य हृदय स्तोत्र के फायदे- Aditya Hriday Stotra Benefits

आदित्य हृदय स्तोत्रम् भगवान सूर्य को शीघ्र प्रसन्न करने वाला अन्यतम विशिष्ट स्तोत्र है. सूर्य भगवान एक ऐसे देवता है जो सृष्टि चक्र में अपनी अहम भूमिका का निर्वहन करते हैं. इसी कारण सूर्य देव को  प्रत्यक्ष देवता कहा जाता है. 

सूर्य देव के अतिप्रिय स्तोत्र- आदित्य हृदय स्तोत्रम् का पाठ करने से भगवान सूर्य देव अति प्रसन्न होते हैं. सुख, शान्ति, ऐश्वर्य व समस्त ज्ञान व प्रकाश के देवता- सूर्य देव के इस आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करने से असंख्य चमत्कारी लाभ देखने को मिलते हैं. 

नियमित रूप से आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करने से निम्न फायदे शीघ्र ही देखने को मिलते हैं. Aditya Hrudayam Stotram Benefits

#1. स्वास्थ लाभ

जो व्यक्ति रोजाना आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करता है, वह शारीरिक, मानसिक व आध्यात्मिक रूप से पूर्णतः स्वस्थ हो जाता है. आरोग्य प्राप्त करता है. यदि किसी रोग से पीडित हो तो वह रोग शीघ्र ही दूर होने लगता है.

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#2. तीव्र बुद्धि

आदित्य यानि भगवान सूर्य बुद्धि या ज्ञान के कारक ग्रह के रूप में भी जाने जाते हैं. आदित्य हृदय स्तोत्र का नियमपूर्वक पाठ करने से- बुद्धि कुशाग्र होती है. 

यदि आप छात्र हैं तो आपको अपनी बुद्धि को कुशाग्र बनाने के लिए आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ अवश्य करना चाहिए. 

कहा जाता है कि हृदय स्तोत्र के पाठ से- मूर्ख व्यक्ति भी सभी वेद, वेदांग, उपनिषद आदि समस्त शास्त्रों का ज्ञान स्वतः प्राप्त कर लेता है.

भगवान सूर्य समस्त बुद्धि एवं ज्ञान के विशेष देवता माने जाते हैं. त्रेतायुग में रुद्रावतार भगवान हनुमान ने सूर्य देव को अपना गुरु बनाकर ब्रह्माण्ड का समस्त ज्ञान प्राप्त किया था.


#3. आँखों की रोशनी तेज

आदित्य हृदय स्तोत्र का सबसे चमत्कारी फायदा यह है कि इसका नियमित रूप से एक पाठ करने से कुछ ही दिनों में आंखों की कमजोर रोशनी ठीक होने लगती है. 

जी हाँ, आदित्य (सूर्य) भगवान आँखों के विशेष देवता कहे गये हैं. आँखों के सभी रोग आदित्य हृदय स्तोत्र के पाठ मात्र से ठीक हो जाते हैं. 

प्रातः काल आदित्य भगवान को अर्घ्य पूर्वक आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ सुनाने से शीघ्र चमत्कार देखने को मिलता है.

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#4. चर्मरोग से छुटकारा

वास्तव में आदित्य हृदय स्तोत्र अपने आप में एक चमत्कारिक स्तोत्र है. जो भी भक्त नियमपूर्वक 11 दिन तक लगातार आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करता है, 

उसके सभी प्रकार के चर्म विकार, चर्मरोग, कुष्ठरोग शीघ्र ही खत्म होने लगते हैं. मुखमण्डल सूर्य भगवान के तेज से चमचमाने लगता है. कमजोर व्यक्ति का शरीर मजबूत होने लगता है.


#5. कुंडली में सूर्य मजबूत

यदि किसी जातक की कुंडली में सूर्य ग्रह कमजोर है अथवा शत्रु से दृष्ट है तो ऐसे में आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करना किसी चमत्कार से कम नहीं है. 

Aditya Hrudaya Stotram के पाठ से सूर्य ग्रह मजबूत होता है एवं जातक को सभी प्रकार का ऐश्वर्य प्रदान करता है. यह आदित्य हृदय स्तोत्र का एक अनोखा लाभ है.


#6. आत्मविश्वास में वृद्धि

यदि आपको लगता है कि आपको किसी भी कार्य को करने में अपना Confidence (आत्मविश्वास) कम लगता है. 

कहीं पर भाषण देने या चार लोगों के बीच में बात करते वक्त Confidence में कमी महसूस होती है तो आपको आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करना चाहिए. 

आदित्य हृदय स्तोत्र का यह अद्भुत फायदा है कि इसके पाठ से आत्मविश्वास में शीघ्र वृद्धि होने लगती है.


#7. तनाव व नकारात्मकता से मुक्ति

सूर्य उप पुराण में कहा गया है कि प्रतिदिन आदित्य हृदय स्तोत्र के पाठ से समस्त मानसिक व्याधियों का शमन हो जाता है एवं नकारात्मक उर्जा पास नही आती है. यानि मानसिक तनाव जल्दी ही दूर होने लगता है.

यः आदित्यहृदयं पठेत् सो मनोरोगात् विमुच्यते.

जो आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करता है, उसकी सभी प्रकार की मानसिक पीडाएँ दूर हो जाती हैं।

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#8. पिता पुत्र में अच्छे सम्बन्ध

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सूर्य भगवान को पिता का कारक ग्रह माना जाता है. जो जातक नित प्रतिदिन भगवान सूर्य के आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करता है, उसके अपने पिता एवं पुत्रादि पारिवारिक सम्बन्ध अच्छे बने रहते हैं. 

परिवार में सुख समृद्धि रहती है. यदि आप Original शुद्ध आदित्य हृदय स्तोत्र पाठ का पीडीएफ डाउनलोड करना चाहते हैं तो यहां क्लिक करें- शुद्ध हिंदी संस्कृत आदित्य हृदय स्तोत्र

 

आदित्य हृदय स्त्रोत का पाठ कब करें?

शास्त्रों में सूर्य देव की उपासना करने के लिए प्रातः काल का समय सबसे अच्छा माना गया है. आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ भी सुबह ही करना चाहिए. 

उषाकाल में जब सूर्य देव उदित हो रहे हों, उस समय आदित्य हृदयम् का पाठ करने से चमत्कारी लाभ मिलते हैं. 

इसके अलावा दोपहर में भी आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करना लाभकारी माना गया है. वैंसे भक्त अपनी श्रद्धापूर्वक अपने अनुकूल समय में भी आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ कर सकते हैं.


आदित्य हृदयम का पाठ हमें कितनी बार करना है?

सामान्यतः सूर्य देव की कृपा प्राप्ति के लिए आदित्य हृदय स्तोत्र का 1 बार रोजाना पाठ कर सकते हैं. विशेष इच्छा के लिए या अभीष्ट की सिद्धि के लिए एक महीने तक 11 बार या 7 बार आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करना चाहिए. 

संकल्पपूर्वक 108 बार आदित्य हृदयम् का पाठ करने से सभी प्रकार की इच्छाएं पूर्ण हो जाती हैं व चिरकाल तक सुख प्राप्ति होती है.

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प्रिय पाठकों, आज के इस आर्टिकल में आदित्य हृदय स्तोत्र के फायदे यानि आदित्यकरेंदय स्तोत्रम् से क्या लाभ होते हैं (aditya hridaya stotra ke fayde) आदित्य हृदय स्तोत्र के चमत्कार, आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ कैसे करना चाहिए... 

इत्यादि आदित्य हृदय स्तोत्रम् के लाभ से सम्बन्धित विभिन्न प्रकार की महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की गयी. 

आदित्य हृदय स्तोत्र पाठ से लाभ  PDF यानि आदित्य हृदय स्तोत्र के फायदे PDF डाउनलोड करने के लिए इस वेबसाइट के PDF Section में जाएं। 

यदि आपके मन में किसी भी प्रकार का सवाल हो तो आप नीचे कमेंट बाक्स में पूछ सकते हैं. 

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