सीढ़ियों का वास्तु दोष कैसे दूर करें- जानिए उपाय | 𝐒𝐢𝐝𝐡𝐢 𝐊𝐚 𝐕𝐚𝐬𝐭𝐮 𝐃𝐨𝐬𝐡 𝐊𝐚𝐢𝐬𝐞 𝐃𝐮𝐫 𝐊𝐚𝐫𝐞

क्या आपके घर में सीढ़ियों का वास्तु दोष है, क्या आपको पता है सीढ़ियों के वास्तु दोष होने के कारण घर में कितने सारे संकट आते हैं, सीढ़ियों का वास्तु दोष कैसे दूर करें, तो आइए, आपका स्वागत है. 

जी हां, आज के इस आर्टिकल में भारत की नंबर वन धार्मिक एजुकेशनल वेबसाइट्स SanskritExam. Com पर सीढ़ियों का वास्तु दोष कैसे दूर करें, सीढ़ियों का वास्तु दोष निवारण, वास्तु के अनुसार सीढ़ियां कैसी होनी चाहिए- इत्यादि सीढ़ियों के वास्तु शास्त्र से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की जाती है। 

इसके अतिरिक्त घर के वास्तु से संबंधित, किचन के वास्तु से संबंधित, बाथरूम के वास्तु से संबंधित अन्य महत्वपूर्ण जानकारी भी यहां साझा की जा रही है। अतः यहां बताई गई बातों को ध्यानपूर्वक पढ़ें।

सीढ़ियों का वास्तु (Vastu remedies for Sidhi)

अक्सर हर घर में ऊपर की छत में चढ़ने के लिए सीढ़ियां होती हैं। लोग इनको हल्के में भी ले लेते हैं। सामान्य रूप से देखा जाए तो हम जमीन से ऊपर छत में चढ़ते हैं। ऊंचाई को पहुंचते हैं। सीढ़ियों के पीछे एक बहुत बड़ा रहस्य एवं वैज्ञानिक महत्त्व छिपा हुआ है। 

प्राचीन सनातन धर्म में किसी कार्य को सुव्यवस्थित करने के लिए वास्तु शास्त्र का निर्माण हुआ। 

यदि किसी घर में सीढ़ियों का निर्माण वास्तु शास्त्र के अनुसार सही दिशा में हुआ हो तो यह इस संसार में समस्त ऐश्वर्य सुख, शांति प्रदान करते हुए, जीवन की सर्वोत्तम ऊंचाई पर पहुंचाने में हमारी मदद करता है। 

यानी जिस तरह से जमीन से अपने छत पर चढ़ते हैं। यह वास्तविक जिंदगी में भी घटित होने लगता है। उस घर के लोग अपने जीवन के उच्चतम लक्ष्यों (Goals) को प्राप्त करते हैं. 

इसीलिए आपको चाहिए कि आपके घर या Building की सीढ़ियां अच्छे से निर्मित हों। अच्छी दिशा में वास्तु शास्त्र के अनुसार उनका निर्माण किया गया हो। 

अन्यथा वही सीढ़ियां नुकसानदायक (Harmful) भी हो सकती हैं। अतः आगे दी गई जानकारी को ध्यानपूर्वक पढ़ें।

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सीढ़ियों का वास्तु दोष कैसे दूर करें- Sidhi Ka Vastu Dosh Kaise Dur Kare

वास्तु शास्त्र के अनुसार घर की सीढ़ियां पूरब दिशा से पश्चिम दिशा की ओर होनी चाहिए. इससे घर में किसी भी प्रकार का वास्तु दोष नहीं लगता है. 

इसके अलावा सीढ़ियों की दिशा उत्तर से दक्षिण की ओर भी हो सकती है. यह भी ज्योतिष शास्त्र सम्मत है. Vedic Astrology के अनुसार इस प्रकार से बनाई गई घर की सीढ़ियां शुभ फलदायक मानी जाती हैं. 

यदि इसके विपरीत दिशा में सीढ़ियों का निर्माण किया जाता है तो यह ठीक विपरीत परिणाम देने वाली होती है। यदि किसी कारणवश या अनजाने में आपके घर की सीढ़ियां गलत दिशा में बन गई हों तो आप इन को सही दिशा में कर सकते हैं। 

इससे आपके घर की नकारात्मक ऊर्जा या Negative Energy दूर होती है. मानसिक क्लेश (Mental Issue), अशांति, उपद्रव, कार्य में असफलता- इत्यादि वास्तु दोष का ही परिणाम है. 

ऐसे में आपको सीढ़ियों का वास्तु दोष दूर करना चाहिए. सीढियों का वास्तु दोष कैसे दूर करें- इसकी जानकारी आगे दी जाती है।


सीढियों के वास्तु से संबंधित महत्वपूर्ण वीडियो आप नीचे देख सकते हैं। Vastu Tips For Ladder

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सीढ़ियों के वास्तुदोष को दूर करने के उपाय

कभी कबार सही दिशा में सीढी बनने के बावजूद भी सीढियों का वास्तु दोष लग जाता है। इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं। ऐसे में आपको निम्न बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए। इससे सीढ़ियों के वास्तु दोष का निवारण हो जाता है।

सीढ़ियों के नीचे जूते चप्पल अथवा कूड़ा करकट बिल्कुल भी न रखें।

हो सके तो सीढ़ियों की जहां से शुरुआत होती है वहां पर एक मुख्य दरवाजा (Main Gate) लगवाएं।

मिट्टी के घड़े में बरसात के पानी को भर के सीढ़ियों के नीचे गाड़ दें. इससे सीढियों का वास्तु दोष शीघ्र ही समाप्त हो जाता है।

यदि सीढियों की लंबाई, चौड़ाई बहुत ज्यादा हो तो सीढियों में कुछ विशेष प्रकार के गमले लगाए जा सकते हैं।

सीढियों के एक तरफ लोहे की ग्रील लगाई जानी चाहिए।


वास्तु के अनुसार सीढ़ी के नीचे क्या होना चाहिए

वास्तु शास्त्र की मानें तो घर की सीढ़ियों के नीचे रिक्त स्थान में किसी भी प्रकार का कोई कूड़ा करकट बिल्कुल नहीं रखना चाहिए। कोशिश करनी चाहिए कि वह स्थान रिक्त हो। 

सीढ़ियों के नीचे लैट्रिन Bathroom भी बिल्कुल नहीं बनाना चाहिए। यह घर में क्लेश, अशांति का कारण बनता है।


किस दिशा में सीढियाँ नहीं बनानी चाहिए

वास्तुशास्त्र की माने तो घर की सीढ़ियों का निर्माण उत्तर पूर्व यानी ईशान कोण में बिल्कुल भी नहीं होना चाहिए। इससे घर में आर्थिक नुकसान (Financial Problem) होता है. 

व्यापार में असफलता एवं हानि देखनी पड़ती है। स्वास्थ्य से संबंधित समस्याएं भी होती हैं। निष्कर्ष रूप से ईशान कोण में बनाई गई सीढ़ियां अधोगति का संकेत करती हैं. 

इसके अलावा दक्षिण पूर्व दिशा में भी सीढ़ियों का निर्माण नहीं करना चाहिए. यह आपके बच्चों के लिए हानिकारक हो सकता है. 

वास्तु शास्त्र एवं सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार दक्षिण पूर्व दिशा में बनाई गई सीढ़ियां संतति के लिए कष्टदायक होती हैं।

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इसके अलावा यदि आपका बहुत बड़ा मकान है और आप स्वयं ground floor पर रहते हैं तो ऐसे में आपको अपनी मुख्य द्वार पर सीढ़ियों का निर्माण बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए. 

यदि आप एक landlord है या आपकी बहुत सारे बिल्डिंग अपार्टमेंट हैं तो आपको उस अपार्टमेंट में अपने मुख्य स्थान यानी कमरे को सीढियों से रहित बनाना चाहिए। 

यानी उस मार्ग से ऊपर जाने का रास्ता नहीं होना चाहिए। इस बात का विशेष ध्यान रखें।


सीढ़ी चढ़ते समय मुंह किधर होना चाहिए?

सामान्य रूप से वास्तु शास्त्र के अनुसार आपके घर की सीढ़ियां कुछ इस प्रकार से होनी चाहिए कि जब आप  सीढी़ चढ रहें हों तो आपका मुख पश्चिम या दक्षिण दिशा में जा रहा हो यानी सीढ़ी चढ़ते समय दक्षिण दिशा की ओर मुंह हो जाना चाहिए। वहीं उतरते समय पूरब या उत्तर दिशा में मुख होना चाहिए।

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वास्तु दोष से संबंधित किसी भी प्रकार का सवाल आप नीचे कमेंट में पूछ सकते हैं. 

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