क्या आपको पता है कि रामायण की सर्वश्रेष्ठ चौपाई कौन सी है, रामचरितमानस की चमत्कारी चौपाइयां कौन सी हैं तो आइए यहां हम आपको रामायण के सर्वश्रेष्ठ चोपाई के बारे में बता रहे हैं. यदि आप रामायण के सर्वश्रेष्ठ चौपाई के बारे में जानना चाहते हैं तो इस आर्टिकल को ध्यान से पढ़ें।
यहां हम आपको कर्ज मुक्ति के लिए रामायण की चौपाई, घर की दरिद्रता दूर करने के लिए रामायण की 8 चौपाई, नौकरी पाने के लिए रामायण की चौपाई, ऐसी रामायण की चौपाई है, जिससे संकट समाप्त हो जाते हैं, रामायण की चौपाई से वशीकरण इत्यादि रामायण की अद्भुत चौपाइयां बता रहे हैं। अतः ध्यान से पढ़ें। आईए जानते हैं कि रामायण की सर्वश्रेष्ठ चौपाई कौन सी हैं।
रामायण की सर्वश्रेष्ठ चौपाई | Ramayan Ki Chaupai Hindi Mein
पूरे विश्व में रामायण अत्यंत प्रसिद्ध महाकाव्य ग्रंथ है। मूल रूप से इसकी रचना महर्षि वाल्मीकि ने की है तथा बाद में गोस्वामी तुलसीदास द्वारा विराजित रामायण रामचरितमानस सर्वाधिक प्रसिद्ध हुई रामायण में ऐसी ऐसी चौपाइयां भी हैं जिनसे हर प्रकार की समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है।
इसके अतिरिक्त इस रामचरितमानस के अंतर्गत कुछ सर्वश्रेष्ठ चौपाइयां हैं जिनके बारे में आपको जरूर पता होना चाहिए। यहां सभी चौपाइयों के बारे में विशेष जानकारी दी जा रही है। रामायण की सर्वश्रेष्ठ चौपाई कौन सी है तथा उनका क्या अर्थ है इसके लिए आगे पढ़ते रहिए।
रामायण की सर्वश्रेष्ठ चौपाई नंबर 1
मंगल भवन अमंगल हारी
द्रवहु सो दसरथ अजर बिहारी।।
अर्थ- रामायण की सर्वश्रेष्ठ एवं सर्व प्रसिद्ध चौपाई मंगल भवन अमंगल हारी ही है यह एक प्रकार से संपूर्ण चौपाई है जो कि पूरे रामचरितमानस पाठ में लगाई जाती है। इस चौपाई का अर्थ स्पष्ट है कि भगवान राम मंगल करने वाले तथा अमंगल को हरने वाले हैं और वह दशरथ के पुत्र तथा अजर बिहारी हैं। ऐसे भगवान श्री राम हमारे समस्त अमंगल को दूर करें।
यह रामायण की सिद्ध चौपाई है। यह रामायण की चौपाई है, जिससे संकट समाप्त हो जाते हैं। इस चौपाई का नित्य प्रतिदिन पाठ करने से सभी प्रकार की इच्छाओं की पूर्ति हो जाती है।
जो लोग लक्ष्मी प्राप्ति के लिए रामायण की चौपाई, विवाह के लिए रामायण की चौपाई ढूंढते हैं उनके लिए यह चौपाई सबसे कारगर है। यदि आप kalyan kari रामायण की सर्वश्रेष्ठ चौपाई अर्थ सहित जानना चाहते हैं तो आगे देखें।
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रामायण की सर्वश्रेष्ठ चौपाई नंबर 2
हरि अनंत हरि कथा अनंता
कहहि सुनहि बहु विधि सब संता।।
हरि अनंत हरि कथा अनंता रामायण की चौपाई अत्यंत लोकप्रिय है तथा यदि एक सिद्ध चौपाई मानी जाती है। इस चौपाई में भगवान राम के मूल स्वरुप श्री हरि की लीला का वर्णन किया गया है श्रीहरि असद भगवान वैष्णो अनंत हैं उनका कोई आदि एवं अंत नहीं है तथा उनकी कथा का भी कहीं पर नहीं है।
संत जन उनकी कथाओं को विभिन्न प्रकार से जनमानस तक पहुंचाते हैं। यह रामायण की कल्याणकारी चौपाई है। विशेष ध्यान देने वाली बात है कि यह रामायण की 8 चौपाई में (Ramayan Ki Chaupaiyan, Ramayan Ki 8 Chaupai) में से विशेष मानी जाती है।
रामायण की सर्वश्रेष्ठ चौपाई नंबर 3
रघुकुल रही थी सदा चली आई
प्राण जाए पर वचन न जाई।।
यदि आपने रामचरितमानस के बारे में थोड़ा बहुत भी सुना हो तो आपने यह चौपाई जरूर सुनी होगी. रामायण की सर्वश्रेष्ठ चौपाई में से यह चौपाई भी विशेष है. यह पूरे रघुवंश की विशेषता का वर्णन करती है.
रघुकुल में एक सबसे बड़ी बात थी कि जो लोग अपना वचन देते थे। वह उसको पूरा निभाते थे। फिर चाहे उनके प्राण ही क्यों ना चली जाए यह चौपाई भी रामायण की सर्वश्रेष्ठ चौपाई है.
रामायण की सर्वश्रेष्ठ चौपाई नंबर 4
श्री गुरु चरण सरोज राज निज मन मुकुर सुधारि।
बरणउ रघुवर विमल जसु जो दायकु फल चारी।।
इस चौपाई के बारे में तो सभी लोगों ने जरूर सुना ही होगा क्योंकि यह हनुमान चालीसा की शुरुआत में भी गई जाती है। यह चौपाई रामायण के सुंदरकांड से ली गई है। यह सबसे सर्वश्रेष्ठ रामायण की चौपाई तथा सिद्ध चौपाई है. यह रामायण की गुप्त चौपाई तथा रामायण की सिद्ध चौपाइयां (Ramayan Ki Sidh Chaupai) मैं विशेष उल्लेखनीय है।
इसको रामायण की 5 चौपाई (Ramayan Ki 5 Chaupai) में भी गिना जाता है। इस चौपाई में भगवान हनुमान तथा श्री राम की महिमा का वर्णन किया गया है. गुरु के चरणों की कृपा का विशेष वर्णन मिलता है. इस चौपाई में कई बीज मंत्र तथा शाबर मंत्र भी समाहित है।
जो लोग कर्ज मुक्ति के लिए रामायण की चौपाई, घर की दरिद्रता दूर करने के लिए रामायण की 8 चौपाई, नौकरी पाने के लिए रामायण की चौपाई, लक्ष्मी प्राप्ति के लिए रामायण की चौपाई, शादी के लिए रामायण की चौपाई, संतान प्राप्ति के लिए रामायण की चौपाई इत्यादि किसी भी उद्देश्य के लिए रामायण की चौपाई ढूंढ रहे हैं। उनको सिर्फ इस चौपाई का पाठ करना चाहिए। यह रामायण की सर्वश्रेष्ठ चौपाई तथा चमत्कारिक सिद्ध चौपाई भी है
रामायण की सर्वश्रेष्ठ चौपाई नंबर 5
जा पर कृपा राम की होई।
ता पर कृपा करहिं सब कोई॥
यह भी रामायण की सर्वश्रेष्ठ चौपाई है। यदि आप भगवान राम की कृपा प्राप्त करना चाहते हैं तो इस चौपाई का पाठ करना चाहिए। इस चौपाई में बताया गया है कि जिस पर भगवान राम की कृपा जो जाए तो समझो उसके लिए संसार में कुछ भी दुर्लभ नहीं है। इस चौपाई से मनोकामना की पूर्ति होती है। यदि इसका सम्पुट पाठ करें तो सब इच्छाएं पूर्ण होती हैं।
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रामायण की सर्वश्रेष्ठ चौपाई नंबर 6
बिनु सत्संग विवेक न होई।
राम कृपा बिनु सुलभ न सोई॥
यह भी रामायण की सर्वश्रेष्ठ चौपाई तथा लोकप्रिय प्रसिद्ध चौपाई है। यह ramayan ki 8 chaupai में शामिल है। यह भी ramayan ki sidh chaupai है। इस चौपाई में सत्संग के महत्व को प्रतिपादित किया गया है।
बिना सत्संग के विवेक नहीं मिलता है और सत्संग बिना राम कृपा के नहीं मिलता है। यह चौपाई बहुत गायी जाती है। इसीलिए ramayan ki 10 chaupai में इसे विशेष रूप से शामिल किया गया है।
रामायण की सर्वश्रेष्ठ चौपाई नंबर 7
जो कुछ सुख बिनु मोहि कोइ
सो यह सुख मोहि न होई।।
यह भी रामायण की सर्वश्रेष्ठ चौपाई है। यह एक चमत्कारिक व सिद्ध चौपाई है। मात्र 7 दिन लगातार पाठ करने से इसके चमत्कारिक लाभ देखने को मिलते हैं। यह Ramayan Ki Chaupaiyan में से सभी मनोकामनाओं को पूर्ण करने वाली है।
यदि आप लक्ष्मी प्राप्ति के लिए रामायण की चौपाई, विवाह के लिए रामायण की चौपाई खोज रहे हैं। तो यह चौपाई आपको जरूर देखनी चाहिए। आपको बता दें कि रामायण की 8 चौपाई कौन सी है धनवान बनने के लिए? घर की दरिद्रता दूर करने के लिए रामायण की 8 चौपाई में से यह भी एक मानी जाती है। यदि आप नौकरी पाने के लिए रामायण की चौपाई चाहते हैं तो मात्र 7 दिन तक इसका पाठ करें और चमत्कार देखें।
रामायण की सर्वश्रेष्ठ चौपाई नंबर 8
जिनके कपट, दम्भ नहिं माया।
तिनके ह्रदय बसहु रघुराया॥
यह भी रामचरितमानस की सर्वश्रेष्ठ चौपाई है। इस चौपाई में बताया गया है कि जिन लोगों के हृदय में कपट नहीं होता है। उन्हीं के हृदय में भगवान राम बसते हैं। झूठे व दम्भी हृदय वाले लोगों के हृदय में भगवान का वास नहीं होता है। यह भी रामायण की सर्वश्रेष्ठ चौपाई मानी जाती है। Ramayan Ki 10 Chaupai में इसे भी गिना जाता है।
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रामायण की सर्वश्रेष्ठ चौपाई नंबर 9
जहाँ सुमति तहँ संपति नाना।
जहाँ कुमति तहँ बिपति निदाना॥
अर्थ- यह चौपाई भी काफी प्रसिद्ध है। इसका अर्थ है कि जहाँ सुमति अर्थात् सद्बुद्धि होती है वहाँ सभी प्रकार की संपति रहती है। जहाँ कुमति वास करती है। वहां सभी प्रकार की विपत्ति आने लगती हैं।
रामायण की सर्वश्रेष्ठ चौपाई नंबर 10
जाकी रही भावना जैसी
प्रभु मूरति देखी तिन तैसी॥
अर्थ- रामचरितमानस की यह चौपाई आपने अक्सर सुनी होगी। जिसकी जैंसी भावना होती है। उसकी सिद्धि भी वैसे ही होती है। आप किसी भी कार्य के प्रति जैसी भावना रखेंगे। आपको सिद्धि अर्थात् सफलता भी वैसे ही मिलेगी। यह भी ramayan ki sidh chaupai में गिनी जाती है। यह रामायण की सर्वश्रेष्ठ चौपाई में से एक विशेष है।
रामायण की सर्वश्रेष्ठ चौपाई नंबर 11
राम रचित तम मिले सभाय, बिनु हरि आराधना कहूं कहाय।
इस चौपाई से हमें यह सॊखने को मिलता है कि हरि आराधना के बिना सच्ची साधना संभव नहीं है। यह हमें अनुष्ठान और साधना के महत्व को समझाती है। रामायण के सुंदर कांड में छिपी अनेक चौपाइयां हमें ध्यान में रखने योग्य सिद्धांत दिखाती हैं।
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रामायण की सर्वश्रेष्ठ चौपाई नंबर 12
जैसे सरोवर में तति भाती, इसमें जल रहत न
इस चौपाई से हमें यह सीखने को मिलता है कि हमारी आत्मा भगवान के साथ जुड़ी है, जैसे सरोवर का पानी अद्वितीयता में रहता है। यह हमें आत्मा के अद्वितीय स्वरूप को समझाती है और बताती है कि हमें अपनी आत्मा की पवित्रता को कैसे बनाए रखना चाहिए।
रामायण की सर्वश्रेष्ठ चौपाई PDF
यदि आप रामायण की सर्वश्रेष्ठ चौपाई पीडीएफ डाउनलोड करना चाहते हैं तो इस वेबसाइट के पीएफ वाले क्षेत्र में जाकर रामायण की सर्वश्रेष्ठ चौपाई PDF फाइल को डाउनलोड कर सकते हैं यहां नीचे हमने उसका लिंक दिया है आप उसे आसानी से डाउनलोड कर सकते हैं. रामायण की सर्वश्रेष्ठ चौपाई
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