धर्मो रक्षति रक्षितः- पूरा श्लोक व अर्थ ♥ | Dharmo Rakshati Rakshitah

क्या आप जानते हैं कि धर्मो रक्षति रक्षितः का असली अर्थ क्या होता है? धर्मो रक्षति रक्षितः यह मंत्र श्लोक कहां से लिया गया है। आपके इन सभी सवालों का सटीक जवाब दिया जा रहा है। 

अतः यदि आप भी धर्मो रक्षति रक्षितः का सही अर्थ जानना चाहते हैं तो यहाँ दी गयी जानकारी को ध्यानपूर्वक पढें। इसके अतिरिक्त यहाँ हम धर्मो रक्षति रक्षितः पूर्ण श्लोक, धर्मो रक्षति रक्षितः किसका आदर्श वाक्य है?, धर्मो रक्षति रक्षितः Font Style Copy Paste इत्यादि धर्मो रक्षति रक्षितः श्लोक से जुड़ी  अन्य महत्वपूर्ण जानकारी भी दी जा रही है। 


धर्मो रक्षति रक्षितः- Dharmo Rakshati Rakshitah

धर्मो रक्षति रक्षितः एक प्रसिद्ध संस्कृत श्लोक का अंश है। यह एक आदर्श वाक्य है, जो कि भारत के विभिन्न संस्थानों का भी ध्येय वाक्य है। मूल रूप से धर्मो रक्षति रक्षितः एक श्लोक का अंश है।यह पूर्ण श्लोक महाभारत एवं मनुस्मृति ग्रंथ में मिलता है। 


धर्मो रक्षति रक्षितः का अर्थ (Dharmo Rakshati Rakshitah)

धर्मो रक्षति रक्षितः का अर्थ है कि जो धर्म की रक्षा करता है। धर्म भी उसकी रक्षा करता है। इसका अभिप्राय यही है कि यह आप धर्म की रक्षा करोगे तो धर्म भी आपकी रक्षा का भार उठायेगा।


धर्मो रक्षति रक्षितः पूर्ण श्लोक

धर्मो रक्षति रक्षितः का पूरा श्लोक कम ही लोग जानते हैं। आपको यह जानना भी जरूरी है कि धर्मो रक्षति रक्षितः पूर्ण श्लोक क्या है व उसका सही अर्थ क्या है। यहाँ आगे धर्मो रक्षति रक्षितः पूर्ण श्लोक दिया गया है।

धर्म एव हतो हन्ति धर्मो रक्षति रक्षितः।

तस्माद्धर्मो न हन्तव्यो मा नो धर्मो हतोऽवधीत्॥


यह पूर्ण संस्कृत श्लोक धर्म की मेहता को प्रदर्शित करता है इस श्लोक में बताया गया है कि धर्म की जो रक्षा करता है धर्म भी उसकी रक्षा करता है और जो धर्म को नष्ट करता है धर्म उसे नष्ट करता है अतः धर्म मैं तो नहीं करना चाहिए क्योंकि जब हमारा धर्म नष्ट हो जाता है तो हम भी नष्ट हो जाएंगे यह इस पूरे श्लोक का अर्थ है।

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धर्मो रक्षति रक्षितः किसका आदर्श वाक्य है?

भारत सरकार के अन्तर्गत धर्मो रक्षति रक्षितः सर्वोच्च न्यायालय का आदर्श वाक्य है। इसके अलावा भी विभिन्न संस्थानों के द्वारा यह वाक्य आदर्श वाक्य के रूप में लिया गया है। 


धर्मो रक्षति रक्षितः परमो धर्म

धर्मो रक्षति रक्षितः- यही वास्तव में परम धर्म है। अर्थात हमको धर्म की रक्षा करनी चाहिए तभी धर्म हमारी रक्षा करेगा इसका सटीक उदाहरण आप महाभारत के धर्मराज युधिष्ठिर को ले सकते हैं धर्मराज युधिष्ठिर ने हमेशा धर्म का पालन किया धर्म ने भी उनकी सदैव रक्षा की परिणाम स्वरुप अंत में धर्मराज युधिष्ठिर शरीर सहित स्वर्ग को गए यह धर्म का ही प्रताप है। 


धर्मो रक्षति रक्षितः का मतलब क्या होता है? धर्मो रक्षति रक्षितः Meaning In Hindi

जो व्यक्ति धर्म की रक्षा करता है धर्म स्वयं उसकी रक्षा करता है यही इसका सीधा सीधा मतलब है।


धर्मो रक्षति रक्षितः पूर्ण श्लोक मराठी

यदि आप धर्मो रक्षति रक्षितः श्लोक मराठी या अन्य किसी भाषा में पढना चाहते हैं तो आसानी से Translation Tool द्वारा पढ सकते हैं। धर्मो रक्षति रक्षितः Font Style Copy Paste

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प्रिय पाठकों, आज के इस आर्टिकल में धर्मो रक्षति रक्षितः (Dharmo Rakshati Rakshitah), धर्मो रक्षति रक्षितः का मतलब, धर्मो रक्षति रक्षितः पूर्ण श्लोक, धर्मो रक्षति रक्षितः का अर्थ इत्यादि धर्मो रक्षति रक्षितः से जुड़ी विभिन्न प्रकार की महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की गयी। 

यदि आपके मन में कोई सवाल हो तो आप नीचे कमेंट में पूछ सकते हैं। अन्य विभिन्न संस्कृत श्लोक, मंत्र, मंत्रों का अर्थ, ज्योतिष, कुंडली विज्ञान, धर्मशास्त्र आदि से संबंधित जानकारी के लिए इस वेबसाइट वमके मेनू सेक्शन में जाएं। 

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