नवरात्रि में कन्या को क्या देना चाहिए | नवरात्रि कन्या पूजन विधि, पूजन महत्व, पूजन समय मुहूर्त, पूजन मंत्र, दान आदि

नवरात्रि में कन्या को क्या देना चाहिए | नवरात्रि कन्या पूजन विधि, पूजन महत्व, पूजन समय मुहूर्त, पूजन मंत्र, दान आदि ( Navratri Kanya Pujan Vidhi)

जय माँ शेरोवाली की, जय माँ आदिशक्ति दुर्गा भवानी 

प्रिय पाठकों, नवरात्रि में कन्या पूजन का विशेष महत्व है। शास्त्रों में भी कहा गया है कि नवरात्रि का पूर्ण फल तभी मिलता है जब नवरात्रि में कन्या पूजन किया जाता है। कन्या पूजन से ही मां आदिशक्ति दुर्गा भवानी भी प्रसन्न होती हैं। 

कन्या पूजन के विशेष नियम है एवं पहले दिन से लेकर के नौवें दिन तक कन्या पूजन में कुछ बदलाव आते हैं। कन्या पूजन के दौरान कन्याओं को विभिन्न प्रकार की वस्तुओं का दान किया जाता है। इससे मां दुर्गा अति प्रसन्न होती है। 

नवरात्रि में कन्या को क्या देना चाहिए, कन्या कितनी होनी चाहिए, कन्याओं को क्या दान करना चाहिए, नवरात्र में कन्या पूजन कब करें, नवरात्रि में कन्या पूजन कैसे करे इत्यादि नवरात्रि में कन्या पूजन से जुड़ी विभिन्न प्रकार की जानकारी आज के इस आर्टिकल में हम आपको प्रदान कर रहे हैं। 

यदि आप भी नवरात्रि पर्व में मां दुर्गा की पूजा कर रहे हैं तो आपको कन्या पूजन के बारे में एवं नवरात्रि में कन्या को क्या देना चाहिए इत्यादि सभी बातें पता होनी चाहिए। आइए जानते हैं।

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कन्या पूजन का महत्व- नवरात्रि 2021- 2022

सामान्य रूप से भी यदि कोई व्यक्ति कन्या पूजन करता है तो इससे मां आदि शक्ति दुर्गा भवानी अति प्रसन्न होती है। कुंडली में यदि मातृ दोष हो तो कन्या पूजन से वह शीघ्र दूर हो जाता है। 

कन्या पूजन से पितृदोष की भी शांत हो जाती है। शास्त्रों में कन्या पूजन का विशेष महत्व बताया गया है। कन्या पूजन करने मात्र से सभी प्रकार की मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती हैं। बशर्ते कन्या पूजन कैसे करना है, कन्या पूजन कब करना चाहिए नवरात्रि में कन्या को क्या देना चाहिए इत्यादि बातों का पता अवश्य होना चाहिए।


नवरात्रि में कन्या पूजन कब करें- समय/ Navratri Me Kanya Pujan Kab Kare

नवरात्रि में कन्या पूजन का समय अवश्य जान लें। यदि आप नवरात्रि में प्रतिदिन कन्या भोजन एवं कन्या पूजन करवाते हैं तो यह अति उत्तम है। प्रतिदिन कन्या पूजन करवाना चाहिए। 

सबसे पहले मां दुर्गा की पूजा एवं पाठ आरती आदि कर लेनी चाहिए। इसके बाद दोपहर में मां दुर्गा के पूजन एवं पाठ के पश्चात कन्या पूजन एवं कन्या भोजन करवाना चाहिए। यही कन्या पूजन का सही समय है। ध्यान रहे कन्या पूजन एवं कन्या भोजन करवाने से पहले कोई भी भोजन न करें। 


कन्या कितनी होनी चाहिए?

इस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए कि नवरात्रि में कन्याओं की संख्या दिन के अनुसार होनी चाहिए। पहले दिन एक कन्या दूसरे दो कन्याएं- इस प्रकार नौवें दिन नौ कन्या होती हैं। ध्यान रहे, प्रत्येक दिन कन्या के साथ में एक बालक भी होना चाहिए।


नवरात्रि में कन्या न मिले तो क्या करें?

वैसे तो नवरात्रि में कन्या अवश्य ही मिल जाती हैं। यदि आप नवरात्रि पूजन कर रहे हैं तो एक दो तीन कन्याएँ तो आपको अवश्य मिल जाएंगी। हां, यदि नौ कन्या नहीं मिलती हैं तो कम से कम 3 कन्याओं का अवश्य पूजन करना चाहिए।


नवरात्रि में कन्या पूजन करने के लिए कन्या की उम्र क्या होनी चाहिए

शास्त्रों में कन्या की परिभाषा बहुत ही अच्छे तरीके से बताई गई है। नवरात्रि में कन्या पूजन करने के लिए इस बात का ध्यान रखें कि कन्या की उम्र 7 साल से अधिक नहीं होनी चाहिए। 2 साल से 7 साल के मध्य आयु वाली कन्याओं का ही पूजन करना चाहिए। 


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कन्या पूजन में क्या खिलाना चाहिए?

नवरात्रि कन्या पूजन में कन्याओं को खीर प्रसाद पूरी इत्यादि खिलाना चाहिए। कोशिश करें कि कन्याओं को जो कुछ भी पसंद हो उनकी पसंदीदा चीजें उन्हें खिलाएं। छोटी-छोटी कन्याओं को जिस प्रकार का भोजन पसंद हो वैसा ही उनको खिलाएं‌। ताकि वे प्रसन्न होकर अच्छे से खाएं। 


कन्या भोजन कैसे कराएं?

नवरात्रि में कन्याओं को भोजन करवाने से पहले कुछ नियमों का विशेष ध्यान रखना चाहिए। सबसे पहले पूजन एवं पाठ होने दें। इसके बाद मां दुर्गा को भोग लगाएं। तत्पश्चात कन्याओं को का पूजन एवं उनको भोजन करवाना चाहिए। कन्याओं को भोजन निम्न तरीके से करवाएं।

  • कन्याओं को शुद्ध आसन पर बिठा दें।
  • सबसे पहले कन्याओं के पैर धुलें।

  • कन्याओं के हाथ धो ले।
  • कन्याओं का पैर छुएं।

  • कन्याओं पर तिलक लगाएं।

  • कन्याओं के हाथ पर रक्षा सूत्र बांधें।

  • कन्याओं को दक्षिणा दें।
  • कन्याओं को उनका सामान दें।
  • कन्याओं की भोजन की थाली लगाएं।


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नवरात्रि में कन्या को क्या देना चाहिए

इस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए कि नवरात्रि में कन्याओं को क्या दान करना चाहिए? नवरात्रों में क्या दान करना चाहिए? जी हाँ, आपको इस बात का अवश्य पता होना चाहिए। शास्त्रों में भी नवरात्रि पूजन में कन्या को दी जाने वाली वस्तुओं का उल्लेख किया गया है। 

यदि आप आर्थिक रूप से समृद्ध हैं, अमीर हैं तो कन्याओं को दान में स्वर्ण से बनी हुई अंगूठी या या छोटे-छोटे उपहार, चांदी से बनी हुई अंगूठी, गले के उपहार या शृंगार की वस्तुएं अथवा विभिन्न रत्न आदि से बनी हुई वस्तुएं दान करनी चाहिए। 

शास्त्र में इसी का उल्लेख मिलता है। वास्तव में यही सबसे बड़ा दान माना जाता है यदि आप समृद्ध हैं तो इस प्रकार का दान अवश्य करें। सामान्य रूप से नवरात्रि में कन्या को क्या देना चाहिए इसकी पूरी सूची नीचे दी गई है।

नवरात्रि में कन्या को क्या देना चाहिए- कन्या को दिया जाने वाला सामान
  • श्रृंगार का सामान

  • लाल चुनरी, कन्याओं के कपड़े

  • पुस्तकें एवं कन्याओं के खिलौने

  • लाल एवं पीली ड्रेस (कपड़े)

  • नोटबुक, पेंटिंग पेन, पेंटिंग बुक आदि।
  • ड्राई फ्रूट्स का डिब्बा



कोशिश करें कि कन्याओं को उनकी पसंदीदा वस्तुएं दें। यदि कन्या प्रसन्न होती हैं तो इसका सीधा सीधा मतलब है कि आदि शक्ति मां दुर्गा भी आप पर असीम कृपा करने वाली हैं। 

कन्याओं को स्वर्ण चांदी से बने हुए उपहार दे सकें तो यह सबसे उत्तम माना जाता है। नवरात्रि में कन्या को क्या देना चाहिए यदि आप नवरात्रि में कन्या को दी जाने वाली वस्तुओं का पूरा किट खरीदना चाहते हैं तो आसानी से अभी यहां से खरीद सकते हैं


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कन्या पूजन की परंपरा से लड़कियों की कौन सी स्थिति में परिवर्तन आता है?

नवरात्रि में अथवा किसी भी दिन कन्या पूजन करने से विभिन्न प्रकार के आश्चर्यजनक लाभ देखने को मिलते हैं। कन्या पूजन लड़कियों के लिए भी बहुत उत्तम होता है। इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि कन्या 10 वर्ष से अधिक तो बिल्कुल भी नहीं होनी चाहिए। 


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कन्या पूजन कैसे करते हैं? कन्या पूजन मंत्र

नवरात्रि में कन्या पूजन करने से पहले अपने आप को पवित्र रखें। जहां पर कन्या पूजन करने जा रहे हैं उस स्थान को गंगाजल इत्यादि से पवित्र बना लें। कन्या पूजन करने से पहले उनको तिलक चंदन आदि लगाना चाहिए। 

यदि आपको संस्कृत आती हो तो कन्या पूजन के दौरान मां दुर्गा के मंत्रों का पाठ करें। यदि आप संस्कृत मंत्रों को बोलने में असमर्थ हों तो मां दुर्गा के भजन अथवा जयकारा इत्यादि लगा सकते हैं। नवरात्रि में कन्या पूजन के कुछ विशेष मंत्र निम्न प्रकार से हैं-

या देवी सर्वभू‍तेषु कन्या रूपेण संस्थिता।

नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥


ॐ श्री दुं दुर्गायै नमः।।

ॐ श्री कुमार्यै नमः।।

ॐ श्री त्रिगुणात्मिकायै नमः।।



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इस प्रकार उपरोक्त मंत्रों के द्वारा कन्या पूजन करना चाहिए। यदि आप स्वयं इन मंत्रों का उच्चारण नहीं कर सकते हैं तो कृपया किसी ब्राह्मण से इन मंत्रों का उच्चारण करवा सकते हैं। अथवा अपने आप हिंदी में मां दुर्गा के भजन एवं कन्याओं से प्रार्थना कर सकते हैं।

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