सिद्ध कुंजिका स्तोत्र के गुप्त रहस्य- यहां देखें | 😳 सिद्ध कुंजिका स्तोत्र से चमत्कारी लाभ, रहस्य, प्रयोगविधि

सिद्ध कुंजिका स्तोत्र के गुप्त रहस्य | 😳 सिद्ध कुंजिका स्तोत्र से चमत्कारी लाभ, रहस्य, प्रयोग | सिद्ध कुंजिका स्तोत्र

प्यारे पाठकों, 💙 क्या आप जानते हैं- दुर्गा सप्तशती का सार क्या है ❓ ऐसी कौन सी चीज है जिसको पढ़ने से दुर्गा सप्तशती का पूरा फल मिल जाता है। 
जी हां, आज हम बात करने वाले हैं- सिद्ध कुंजिका स्तोत्र की। यह कुंजिका स्तोत्र जिसके बिना दुर्गा सप्तशती का पाठ निष्फल माना जाता है। यदि आपने मात्र इस सिद्ध कुंजिका स्तोत्र का पाठ कर लिया तो इसके पाठ मात्र से दुर्गा सप्तशती के सभी फल मिल जाते हैं। 


आज हम बात करेंगे सिद्ध कुंजिका स्तोत्र के गुप्त रहस्य की। सिद्ध कुंजिका स्तोत्र के चमत्कार 😳 व सिद्ध कुंजिका स्तोत्र से चमत्कारी लाभ कैसे मिलते हैं। 
इन सभी रहस्यमयी बातों का उद्घाटन करते हैं। तो आइए जानते हैं- सिद्ध कुंजिका स्तोत्र के गुप्त रहस्य 🤫 व सिद्ध कुंजिका स्तोत्र के बारे में


सिद्ध कुंजिका स्तोत्र क्या है ❓

दुर्गा सप्तशती नामक ग्रंथ में बहुत सारे स्तोत्र मिलते हैं। जैंसे कि दुर्गा कवच देवी, अर्गला स्तोत्रम्, देवी कीलकम् आदि। यदि आप दुर्गा कवच संस्कृत पीडीएफ डाउनलोड करना चाहते हैं तो यहां क्लिक करें- Durga Kavacham Sanskrit PDF ↗️ 

सिद्ध कुंजिका स्तोत्र दुर्गा सप्तशती के अंतर्गत एक विशिष्ट 👌 प्रभावी स्तोत्र है। यह स्तोत्र देखने में छोटा है लेकिन बहुत प्रभावी है। 


कुंजिका स्तोत्र का रहस्यमय शाब्दिक अर्थ

जैंसे कि नाम से स्पष्ट हो जाता है कि सिद्ध कुंजिका स्तोत्र , जो सिद्ध है और कुंजिका के रूप में सभी स्तोत्रों, मंत्रों की चाबी है। वही सिद्ध कुंजिका स्तोत्र है। 
दुर्गा सप्तशती का यह एकमात्र ऐंसा गुप्त स्तोत्र है या यूं कहें कि एक चाबी है, जिससे सभी दरवाजे खुल जाते हैं।🤫 सिद्ध कुंजिका स्तोत्र पाठ के बिना दुर्गा सप्तशती का पाठ निष्फल भी बताया गया है।



सिद्ध कुंजिका स्तोत्र के गुप्त रहस्य🤫

वैंसे तो सिद्ध कुंजिका स्तोत्र के रहस्य का उद्घाटन करना मानव के बस में नहीं है। तथापि विभिन्न हिंदू धर्म ग्रंथों के अनुसार सिद्ध कुंजिका स्तोत्र के गुप्त रहस्य बताए गए हैं। जो कि सिद्ध कुंजिका स्तोत्र की महिमा को स्पष्ट कर देते हैं। Kunjika Stotram Ke Mantro Ke Rahasya

  • सिद्ध कुंजिका स्तोत्र रुद्रयामल तंत्र से निकला हुआ है।
  • रुद्रयामल तंत्र भगवान शिव का गुप्त तंत्रात्मक ग्रंथ है।🤫
  • भगवान शिव ने पार्वती को सिद्ध कुंजिका स्तोत्र गुप्त तरीके से बताया था।
  • सिद्ध कुंजिका स्तोत्र पाठ के बिना दुर्गा सप्तशती का पाठ निष्फल माना जाता है। 
  • सिद्ध कुंजिका स्तोत्र के पाठ करने से संपूर्ण दुर्गा सप्तशती पाठ का फल मिल जाता है।
  • भगवान शिव ने पार्वती को कुंजिका स्तोत्र बताते समय यह भी कहा था कि यह स्तोत्र किसी भी अभक्त को नहीं देना चाहिए।
  • सिद्ध कुंजिका स्तोत्र मंत्र, तंत्र, औषधि आदि सब से परे है एवं सबकी कुंजिका (चाबी) है।
  • प्रतिदिन सिद्ध कुंजिका स्तोत्र का पाठ करने से सभी प्रकार के मंत्र सिद्ध हो जाते हैं।
  • नवरात्रि पर्व में सिद्ध कुंजिका स्तोत्र का पाठ अवश्य करना चाहिए।
  • सिद्ध कुंजिका स्तोत्र देवताओं के लिए भी बहुत दुर्लभ है।
  • सिद्ध कुंजिका स्तोत्र के पाठ करने से सभी प्रकार की विघ्न-बाधाएं दूर होने लगती हैं ।
  • मेघनाद ने लक्ष्मण पर विजय प्राप्त करने के लिए इस स्तोत्र का गुप्तपाठ किया था।
  • सिद्ध कुंजिका स्तोत्र बीज मंत्रों से बना हुआ है, जिनका अर्थ निकालना मानव के बस में नहीं है।


इस प्रकार यह सिद्ध कुंजिका स्तोत्र भगवान शिव ने पार्वती को गुप्त तरीके से प्रदान किया था और इसका महत्व भी बताया था। सिद्ध कुंजिका स्तोत्र के पाठ करने से दुर्गा कवच, अर्गला स्तोत्र, कीलक, सूक्त, न्यास, ध्यान, अर्चन आदि सबका फल मिल जाता है।


सिद्ध कुंजिका स्तोत्र से चमत्कारी लाभ

वैंसे तो आपने पढ़ लिया है कि सिद्ध कुंजिका स्तोत्र के कितने महान गुप्त रहस्य हैं। इन सब बातों से पता चलता है कि सिद्ध कुंजिका स्तोत्र का पाठ जरूर करना चाहिए।
  • सिद्ध कुंजिका स्तोत्र से बहुत चमत्कारिक लाभ होते हैं।😳
  • मात्र कुंजिका स्तोत्र के पाठ करने से अन्य सभी प्रकार के मंत्र अपने आप सिद्ध हो जाते हैं।
  • भिन्न प्रकार की तांत्रिक साधना में भी सिद्ध कुंजिका स्तोत्र बहुत प्रभावी है।
  • सभी प्रकार की विघ्न बाधाएं सिद्ध कुंजिका स्तोत्र के पाठ करने से शीघ्र समाप्त होने लगती हैं।
  • कुंजिका स्तोत्र पाठ करने से संपूर्ण चंडी पाठ का फल मिल जाता है।



सिद्ध कुंजिका स्तोत्र पाठ विधि 🤔

प्रातः काल शौच स्नानादि से निवृत्त होकर पूजा के प्रकोष्ठ में जाएं। नवरात्रि पर्व अथवा अन्य शुभ घड़ी में मां दुर्गा की एक प्रतिमा के सामने घी से एक दीपक जलाएं। 

मां दुर्गा का यथाशक्ति💕 श्रृंगार एवं तिलक पुष्प धूप दीप आदि करें। मां दुर्गा को उनका प्रिय नैवेद्य अर्पित करें। 
दुर्गा माता का ध्यान करके हाथ में फूल 🌹 लेकर के उनसे प्रार्थना करें और हो सके तो संस्कृत में कुछ दुर्गा सप्तशती के श्लोकों का पाठ करें।

नमो देव्यै महादेव्यै शिवायै सततं नमः।
नमः प्रकृत्यै भद्रायै नियतः प्रणतः स्मताम्।।
सर्वमंगलमांगल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके।
शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोस्तुते।। आदि।।


मां दुर्गा के चरणों में पुष्प 🌺🌻 चढ़ाएं और उनसे प्रार्थना करें। तत्पश्चात शुद्ध मन से शुद्ध आसन पर बैठ कर के उनका ध्यान करें।
आचमन आदि लेकर अपने ऊपर जल छिड़कें। 
तत्पश्चात सिद्ध कुंजिका स्तोत्र का पाठ करें। 

यदि आपके पास सिद्ध कुंजिका स्तोत्र की पुस्तक न हो या दुर्गा सप्तशती की पुस्तक ना हो तो आप हमारी इस वेबसाइट से अभी दुर्गा सप्तशती संपूर्ण पाठ हिंदी में पीडीएफ के रूप में डाउनलोड कर सकते हैं। 

साथ ही देवी कवच संस्कृत PDF व सिद्ध कुंजिका स्तोत्र PDF एवं अर्गला स्तोत्र PDF आदि भी डाउनलोड कर सकते हैं इसके लिए आप हमारी‌ इस वेबसाइट के मेनू बार में अवश्य जाएं।



सिद्ध कुंजिका स्तोत्र को कैंसे सिद्ध करें?

सिद्ध कुंजिका स्तोत्र को सिद्ध करने के लिए एक लाख जाप करें एवं सिद्ध कुंजिका स्तोत्र का पुरश्चरण करें। प्रतिदिन नियमित रूप से सिद्ध कुंजिका स्तोत्र का पाठ करके दशांश सिद्ध कुंजिका स्तोत्र से हवन भी करें। 
साधकों का कहना है कि मात्र सिद्ध कुंजिका स्तोत्र के सिद्ध हो जाने पर समस्त प्रकार के मंत्र तंत्र स्वतः सिद्ध हो जाते हैं।



सिद्ध कुंजिका स्तोत्र पढने से क्या होता है?

मुख्य रूप से सिद्ध कुंजिका स्तोत्र पढने से मंत्रसिद्धि होती है। सिद्ध कुंजिका स्तोत्र के पाठ करने से सभी प्रकार के कीलन, उच्चाटनादिक सिद्ध हो जाते हैं।



सिद्ध कुंजिका स्तोत्र का पाठ कितनी बार करना चाहिए?

सामान्य रूप से प्रतिदिन सिद्ध कुंजिक स्तोत्र का एक बार पाठ करना चाहिए। विशेष इच्छा के लिए दिन में 9 पाठ अथवा 108 पाठ भी कर सकते हैं।


कुंजिका का मतलब क्या है? 🤔

कुंजिका का मतलब - चाबी होता है। सभी मंत्रों का रहस्य है सिद्ध कुंजिका, जो कि अपने आप में सिद्ध है।



सिद्ध कुंजिका स्तोत्र कब करना चाहिए?

सिद्ध कुंजिका स्तोत्र शरद नवरात्रि, वसन्त नवरात्रि, गुप्त नवरात्रि आदि में करें तो विशेष फलदायी होता है। मंत्र सिद्धि हेतु सिद्ध कुंजिका स्तोत्र का पाठ गुरु आज्ञा से कभी भी कर सकते हैं।


Sidha Kunjika Stotram Prayog Vidhi

सिद्ध कुंजिका स्तोत्र की प्रयोग विधि बहुत ही गुप्त व रहस्यमयी है। सिद्ध कुंजिका स्तोत्र खुले आम कंही भी नहीं बोलना चाहिए। सिद्ध कुंजिका स्तोत्र से मंत्र सिद्धि, तंत्र सिद्धि, कामसिद्धि आदि विभिन्न प्रयोग किए जाते हैं। 



Kunjika Mantra Siddhi

कुंजिका स्तोत्र की मंत्र सिद्धि हेतु इसका एक लाख जप करना अभीष्ट है। ध्यान रहे मंत्र सिद्धि प्रारंभ करने से पहले किसी गुरु का आशीर्वाद अवश्य प्राप्त कर लें। 


विशेष इच्छा के लिए कुंजिका स्तोत्र

विशेष इच्छा के लिए सिद्ध कुंजिका स्तोत्र का पाठ करना शीघ्र फल देने वाला होता है। विशेष कामना के लिए नियमित रूप से कुंजिका स्तोत्र का पाठ करना अभीष्ट है।


सिद्ध कुंजिका स्तोत्र के नियम

कुंजिका स्तोत्र का पाठ करने से पहले कुछ विशेष नियमों का ध्यान अवश्य रखना चाहिए। जैंसे कि
  • कुंजिका स्तोत्र पाठ पवित्र तन-मन से करें।
  • कुंजिका स्तोत्र का पाठ शोर-शराबे वाले स्थान में न करें।
  • कुंजिका स्तोत्र का पाठ करने से पहले किसी गुरु का आशीर्वाद जरूर लें।
  • कुंजिका स्तोत्र पाठ करते समय आचार, व्यवहार का विशेष ध्यान रखें।
  • प्याज, लहसुन, मांसादि भक्षण न करें‌।


कुंजिका स्तोत्र से हवन

विशेष कामना के लिए कुंजिका स्तोत्र का सवा लाख पुरश्चरण एवं कुंजिका स्तोत्र से हवन करना बहुत लाभकारी होता है। कुंजिका स्तोत्र से हवन करने के लिए लौंग, कमल गठ्ठा, पान, सुपारी आदि पदार्थ बेहद प्रभावकारी हैं।




अन्य हिंदूधर्म ग्रंथ PDF लिंक

अन्य हिंदू धर्मग्रंथ संबंधित PDF का लिंक नीचे दिया गया है। सभी धर्मशास्त्र, पुराण, कर्मकाण्ड, संस्कृत व्याकरण आदि की PDF फाइल आप यंहा (इस वेबसाइट पर) आसानी से डाउनलोड कर पाएंगे। 

ललिता सहस्त्रनामस्तोत्रम् PDF  ♐

विष्णुसहस्त्रनाम संस्कृत ‌ PDF ♐

भगवद्गीता PDF (संस्कृत/हिंदी) ♐

भागवत पुराण PDF ♐

Devi Kavach Sanskrit PDF ♐



Post a Comment

0 Comments