सुंदरकांड का लगातार 21 दिन पाठ करने का नियम- यहाँ देखें | सुंदरकांड पाठ के नियम

सुंदरकांड हनुमान जी को प्रसन्न करने का एक चमत्कारी उपाय है। क्या आप जानते हैं कि सुंदरकांड का पाठ कैसे करना चाहिए, सुंदरकांड का लगातार 21 दिन पाठ करने का नियम कदया है, सुंदरकांड पाठ के चमत्कार क्या हैं, 

सुंदरकांड का पाठ कितने दिन करना चाहिए- इन सभी सवालों का जवाब यहां दिया जा रहा है. सुंदरकांड रामचरितमानस के अंतर्गत बहुत ही विशेष माना जाता है। 

इसके बहुत सारे फायदे हैं जो कि भगवान हनुमान जी को समर्पित है। आइए जानते हैं सुंदरकांड का लगातार 21 दिन पाठ करने  का नियम

सुंदरकांड का लगातार 21 दिन पाठ करने का नियम

यदि आप 21 दिन तक लगातार सुंदरकांड का पाठ करते हैं तो यह बहुत ही चमत्कारी होता है। इसके ढेर सारे फायदे हैं। इसके फायदे जानने से पहले इसके नियम जान लीजिए।

  • सबसे पहले अपने घर या पूजा गृह को पवित्र कर लें।
  • स्वयं को भी पवित्र करें।
  • मंगलवार के दिन यह पूजन शुरू करें।
  • लाल आसन पर बैठकर भगवान हनुमान की पूजा करें।
  • श्रद्धा भक्ति के अनुसार हनुमान जी की विविध द्रव्यों से पूजा करें।
  • तत्पश्चात 21 दिन लगातार सुंदरकांड पाठ करने का संकल्प लें।
  • अब सुंदरकांड का पाठ करना शुरू करें।
  • सुंदरकांड पाठ के दौरान अखंड ज्योति जलाए रखें।
  • यह अखंड ज्योति 21 दिन तक लगातार जलती रहे।
  • तीसरे मंगलवार यानी 21 में दिन को सुंदरकांड पाठ का संकल्प पूर्ण करें।
  • इन 21 दिनों के दौरान आपको ढेर सारे अनुभव हो सकते हैं।


सुंदरकांड का पाठ कितने दिन करना चाहिए?

आमतौर पर सुंदरकांड का पाठ करने के बहुत सारे नियम हैं। अलग-अलग कामनाओं के अनुसार अलग-अलग प्रकार से सुंदरकांड का पाठ किया जाता है। 

सुंदरकांड का पाठ 7 दिन, 11 दिन, 21 दिन, 41 दिन एवं 100 दिन तक किया जा सकता है। इनके अलग-अलग लाभ होते हैं. आप अपनी श्रद्धा भक्ति एवं सामर्थ्य के अनुसार जितने दिन भी सुंदरकांड का पाठ कर सकते हैं, उतने दिन एक करें.

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सुंदरकांड का लगातार 11 दिन पाठ करने का नियम

कुछ लोग 11 दिन तक लगातार सुंदरकांड पाठ करने का संकल्प लेते हैं। यह बहुत चमत्कारी होता है। इसके लिए भी आपको उपरोक्त बताए गए नियमों का पालन करना जरूरी है। 

इस प्रकार आपको तन एवं मन दोनों की पवित्रता रखना बहुत ज्यादा जरूरी है। अपने खान-पान से लेकर आहार व्यवहार आदि शुद्ध होना जरूरी है।


सुंदरकांड का लगातार 100 दिन पाठ करने के लाभ

ऐसे लोग बहुत ही दुर्लभ होते हैं जो लगातार 100 दिन तक सुंदरकांड का पाठ करने का संकल्प पूर्ण करते हैं। लगातार सौ दिन तक सुंदरकांड का पाठ करने से अनगिनत चमत्कारी लाभ होते हैं। यहां तक की ऐसे साधक को सिद्धि प्राप्त हो जाती है।

 कई साधकों को तो साक्षात हनुमान जी के दर्शन तक हो जाते हैं। सुंदरकांस का लगातार 100 दिन पाठ करने से जो लाभ होते हैं, उनका वर्णन शब्दों में नहीं किया जा सकता है।


सुंदरकांड पाठ करने का नियम- Sunderkand Path Ke Niyam

सुंदरकांड पाठ करने के कुछ विशेष नियम हैं जिनमें ब्रह्मचर्य का पालन, पवित्रता, खानपान की शुद्धि इत्यादि बहुत ही आवश्यक हैं। रोजाना सुंदरकांड पाठ करने से पहले हनुमान जी का ध्यान एवं उनकी पूजा अवश्य करें। एक बार हनुमान चालीसा का पाठ करना भी बहुत अच्छा माना जाएगा।

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सुंदरकांड पाठ के चमत्कार- Sunderkand Path Ke Chamatkar

सुंदरकांड पाठ के बराबर दूसरा कोई पाठ नहीं है। सुंदरकांड पाठ से जो चमत्कार देखने को मिलते हैं वे अन्य किसी भी पाठ से नहीं मिल सकते हैं। यह हनुमान जी को प्रसन्न करने का एवं उनकी कृपा प्राप्त करने का अनूठा उपाय है।


प्रिय दर्शकों, आज के इस आर्टिकल में सुंदरकांड का लगातार 21 दिन पाठ करने का नियम, सुंदरकांड पाठ के नियम, सुंदरकांड पाठ के चमत्कार, सुंदरकांड का पाठ कितने दिन करना चाहिए इत्यादि सुंदरकांड पाठ के नियम, 

Sunderkand Path Ke Niyam से जुड़ी विभिन्न प्रकार की महत्वपूर्ण जानकारी दी गयी। आप अपना किसी भी प्रकार का सवाल नीचे कमेंट में पूछ सकते हैं। सुंदरकांड हनुमान चालीसा एवं अन्य मंत्र, स्तोत्र आदि से जुड़ी जानकारी के लिए इस वेबसाइट मेनू सेक्शन में जाए।


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