भागवत में क्या क्या सामान लगता है? सम्पूर्ण जानकारी | श्रीमद्भागवत कथा का सामान (सामग्री)

क्या आप भागवत कथा करवाना चाहते हैं और जानना चाहते हैं कि भागवत में क्या क्या सामान लगता है?, भागवत कथा सामग्री के बारें में, तो आइए, आपका स्वागत है। यहां हम आपको भागवत कथा करवाने में क्या क्या सामान लगता है। उसकी पूरी जानकारी दे रहे हैं। 

इसके अतिरिक्त भागवत कथा का मुहूर्त कब है, घर पर भागवत कथा कैसे करें, भागवत कथा करवाने में कुल कितना खर्चा आएगा- इत्यादि साप्ताहिक श्रीमद् भागवत कथा से जुड़ी विभिन्न प्रकार की महत्वपूर्ण जानकारी भी दी जा रही है। आइये, जानते हैं।

भागवत में क्या क्या सामान लगता है?

साप्ताहिक श्रीमद्भागवत कथा करवाने में क्या क्या सामान लगता है, कितना खर्चा आता है। पूजन सामग्री क्या है- इत्यादि सम्पूर्ण जानकारी आगे दी जा रही है। 

मण्डप (पण्डाल) निर्माण

मंडप यानि पंडाल निर्माण के लिए आप अपनी जगह के हिसाब से व्यवस्था कर सकते हैं। इसके लिए आप नजदीकी टेंट वाले से संपर्क कर सकते हैं। इसमें कुछ मुख्य बातों का ध्यान रखना जरूरी है।

  • एक खुला आंगन या हाॅल
  • मण्डप आकार- 12 बाई 12 अथवा 16 बाई 16 अथवा यथास्थान
  • टैंट (तिरपाल)
  • व्यास पीठ हेतु तखत या दीवान
  • व्यास गद्दी अर्थात् बैठने हेतु सिंहासन
  • श्रीराधाकृष्ण वाला बडा़ पोस्टर (व्यास गद्दी के पृष्ठभाग हेतु)
  • लाल एवं पीले, सफेद झंडे (1)
  • पताका लगाने हेतु डण्डे

कम से कम खर्चे में भागवत कथा करवाने के लिए अभी हमसे सम्पर्क करें व श्रीधाम वृन्दावन के श्रेष्ठ कथावाचकों द्वारा कथा श्रवण का लाभ प्राप्त करें। अभी कथा के बारें में सम्पर्क करने हेतु व्हाटसप मैसेज करें- WhatsApp Now


व्यास पीठ एवं भागवत पीठ पूजा सामग्री

  • मारकीन सफेद 7 मी.
  • लाल, पीला, हरा, काला, सफेद सूती वस्त्र 2-2 मी.
  • लकड़ी की चौकी 7 ( 3 बाई 3 फुट) 
  • दूसरी लकड़ी की चौकी (2 बाई 2 फुट की- 3)
  • भगवान विष्णु की स्वर्णप्रतिमा- 1(Size यथाशक्ति सामर्थ्यानुसार)
  • एक लड्डूगोपाल जी की सामान्य मूर्ति तांबे या पित्तल या अन्य किसी भी धातु की।
  • चाँदी का सिक्का-1
  • बडे़ ताम्रकलश- 2
  • दरी (चादर), गद्दा, तकिए व मसनद
  • पीला वस्त्र भागवत चौकी हेतु
  • तोता (शुक देव) 1
  • तुलसी का गमला 1
  • श्रीमद्भागवत पुस्तक 1

इन्हें भी देखें 👇

Click- ज्योतिष- कुण्डली, कालसर्प दोष, राशिफल आदि

Click- सम्पूर्ण पूजन विधि, सामग्री, मंत्र, आरती, स्तोत्र आदि

Click- सैकडों व्रत कथा व पूजा विधि PDF डाउनलोड करें

Click - सनातन धर्म, व्रत व मंत्रों से जुड़े रहस्य जानें

पूज्य व्यास जी के वरण हेतु सामग्री

धोती कुर्ता, गमछा, आसन, शाॅल (बेहतरीन क्वालिटी वाला), तुलसी माला, सोने की अंगूठी, नये बिस्तर (रजाई, गद्दा, तकिया), खडा़उ चरणपादुका। 

नोट- यजमान अपने शक्ति व सामर्थ्य के अनुसार अन्य इच्छित सामग्री भी दे सकते हैं। 

ब्राह्मण व आचार्य वरण सामग्री

धोती, कुर्ता, गमछा, आसन, माला, पंचपात्र।


पूजन एवं हवन सामग्री

भागवत कथा के दौरान प्रतिदिन सात दिन तक पूजन होता है। अन्तिम दिन पूर्णाहुति हवन व भण्डारा होता है। पूजन एवं हवन सामग्री आप इस वेबसाइट के पूजन सामग्री वाले सेक्शन में देख सकते हैं।

कम से कम खर्चे में भागवत कथा करवाने के लिए अभी हमसे सम्पर्क करें व श्रीधाम वृन्दावन के श्रेष्ठ कथावाचकों द्वारा कथा श्रवण का लाभ प्राप्त करें। अभी कथा के बारें में सम्पर्क करने हेतु व्हाटसप मैसेज करें- WhatsApp Now


भागवत कथा में आने वाले उत्सवों की सामग्री

भागवत कथा में अलग-अलग दिन के हिसाब से कुछ अलग अलग विशेष कथाएं होती हैं जो कि अत्यंत महत्वपूर्ण रहती हैं। यजमान अपनी सामर्थ्य शक्ति के अनुसार इनकी झांकियां भी निकालते हैं। इसको आप अपने सामर्थ्य अनुसार देख सकते हैं।

वामन अवतार हेतु सामान- धोती, दुपट्टा, जनेऊ, आसन, खड़ाऊँ, छाता, कमण्डल

श्रीराम जन्म- वस्त्र मिठाई फल मेवा

श्रीकृष्ण जन्म (नन्दोत्सव) सामग्री

छोटा वस्त्र( कृष्ण हेतु), मेवा, फल, मिठाई, खिलौने, टॉफी, गुब्बारे, पगड़ी, माखन-मिस्री, दही, हल्दी आदि।

श्री गिरिराज पूजन सामग्री

दूध, पंचामृत, 56 भोग आदि

रुक्मणी विवाह

साड़ी सेट, स्वर्ण चांदी आभूषण (यदि संभव हो तो), सुहाग का सामान आदि ।

भण्डारा एवं प्रसाद वितरण

भण्डारा एवं प्रसाद वितरण में आप अपने हिसाब से तैयारी कर सकते हैं। छोला, पूरी, हलवा, प्रसाद, पकौडी आदि पकवान शामिल कर सकते हैं।

घर में भागवत कथा कैसे करें?

यदि आप अपने घर पर भागवत कथा करवाना चाहते हैं, तो आप सीधा हमसे सम्पर्क कर सकते हैं। आप कम से कम बजट में हमसे भागवत कथा करवा सकते हैं। अभी सम्पर्क करने के लिए हमें व्हाटसप करें।

कम से कम खर्चे में भागवत कथा करवाने के लिए अभी हमसे सम्पर्क करें व श्रीधाम वृन्दावन के श्रेष्ठ कथावाचकों द्वारा कथा श्रवण का लाभ प्राप्त करें। अभी कथा के बारें में सम्पर्क करने हेतु व्हाटसप मैसेज करें- WhatsApp Now

Post a Comment

0 Comments