योग का अर्थ परिभाषा महत्व | Yog Ka Arth, Paribhasha, Mahatva: योग का परिचय

योग की परिभाषा

योग शब्द की उत्पत्ति संस्कृत की युज् धातु से घञ् प्रत्यय लगाकर की गई है, जिसका अर्थ है- संयोग या जुड़ना। 


योग प्राचीन संस्कृति एवं  परम्परा की अमूल्य देन है जिसका श्रेय हमारे ऋषि महर्षियों को जाता है। योगका हमारे जीवन में अत्यधिक महत्व है, नित्य योग करने से हमारा स्वास्थ्य हिष्ट-पुष्ट रहता है, यदि हम योग नहीं करते है तो हमारा शरीर निश्चित ही तनावग्रस्त हो जायेगा, इसलिए हमारे जीवन में योग उतना ही आवश्यक है  जितना कि नित्य-नैौमितिक कार्य।


नित्य योग करने से  शारीरिक विकास के साथ- साथ हमारा मानसिक विकास भी सम्यक रूप  से विकसित होता है, कहा भी जाता है कि  एक स्वस्थ शरीर में ही एक स्वस्थ मस्तिष्क  का विकास होता है। 


योग हमारे शरीर की सभी ग्रंथियों को एक साथ जोड़ता है, और हमें तनावमुक्त करता है योग के अभ्यास से से शरीर, मन और आत्मा एक साथ नियन्त्रित होती है, और शरीर को मजबूत बनाने में मदद करती है।


योग करने से हमारा मन एकाग्रचित्त रहता है, ध्यान करने की शक्ति दुगनी हो जाती है अनेक बीमारियाँ दूर हो जाती है जैसे- मधुमेह,अस्थमा आदि और  हम प्राय: शान्ति महसूस करते हैं।


पतंजलि के अनुसार योग की परिभाषा

महर्षि पतञ्जलि जी ने अपने ग्रन्थ योगशास्त्र  में कहा है- 


*"योगश्चित्तवृत्तिनिरोध:"*

अर्थात्- योग से चित्तवृत्तियों का निरोध होता है। 

चित्तवृत्ति पाँच प्रकार की होती हैं- प्रमाण, विपर्यय, विकल्प, निद्रा, स्मृति।

योग से इन चित्तवृत्तियों का निरोध होने पर हमें सुख की  प्राप्ति होती है। 


योग का अर्थ परिभाषा महत्व

अन्य ग्रन्थों' में भी योग का महत्व बताया गया है जैसे कि हिन्दू धर्म के सबसे प्रसिद्ध ग्रन्थ श्रीमद्भगवद्गीता में  भगवान श्री कृष्ण ने स्वयं योग का महत्व बताते हुए कहा है-

*योगस्थः कुरु कर्माणि सङ्गं त्यक्त्वा घनञ्जय।*

*सिद्ध्यसिद्ध्योः समो भूत्वा समत्वं योग उच्यते।।* 


अर्थात्-  हे धनञ्जय! तू आसक्ति का त्याग करके सिद्धि असिध्दि में सम होकर योग में स्थित हुआ कर्मों को कर क्योंकि समत्व ही योग कहा जाता है।


इस प्रकार हमारे प्रसिध्द ग्रन्थों में भी योग की महत्ता को बताया गया है ,इसी से हमको जानना चाहिए कि योग का हमारे जीवन कितना महत्व है। 

 इस प्रकार देखा जा सकता है कि योग  से ही सभी सिध्दियाँ प्राप्त होती हैं।अत: हम सभी को योग करना चाहिए, क्योंकि जब करेगा व्यक्ति योग तभी रहेगा वह निरोग । 

इसीलिए हम 21 जून को योग दिवस के रूप में मनाते है।

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