संचार किसे कहते हैं | संचार किसे कहते हैं परिभाषा व प्रकार | Sanchar Kise Kahate Hain | Sanchar Kya hai

संचार किसे कहते हैं- संचार किसे कहते हैं परिभाषा व प्रकार | Sanchar Kise Kahate Hain (Sanchar Kya hai) 


प्यारे मित्रों, क्या आप भी यूजीसीनेट परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं? क्या आप भी विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल होना चाहते हैं? जी हाँ, आज हम आपको बताने वाले हैं- संचार, संचार किसे कहते हैं? (Sanchar Kise Kahate Hain) संचार की परिभाषा क्या है? संचार कितने प्रकार के होते हैं? 

संचार अर्थात् Communication यह एक ऐंसा टाॅपिक है जो कि विभिन्न परीक्षाओं में पूछा जाता है। 

जी हाँ, आज हम विशेष रूप से विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं तथा UGC NET PAPER 1 SYLLABUS के आधार पर तीसरी यूनिट में रखा गया विषय- संचार, इसकी विस्तृत रूप से चर्चा करेंगे। संचार क्या है (Sanchar Kya Hai)? 

संचार किसे कहते हैं? संचार से पूछे गये  प्रश्न, आदि विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों की चर्चा करने जा रहे हैं। तो आइये, स्वागत है आपका! दिल की गहराइयों से!

इसे भी देखें- UGC NET Paper 1 Syllabus In Hindi


संचार किसे कहते हैंं- परिभाषा, अर्थ, प्रकार , उदाहरण - सब कुछ पाओ (Communication)

इस लेख में

संचार किसे कहते हैं (Sanchar Kya Hai)

संचार किसे कहते हैं- परिभाषा

प्रभावी संचार किस कहते हैं

संचार माध्यम किसे कहते हैं

संचार के मूल तत्व कौन-कौन से हैं

संचार कितने प्रकार के होते हैं

 

संचार किसे कहते हैं (Sanchar Kiss Kahate Hain)

दो या दो से अधिक व्यक्तियों के मध्य सूचनाओं अथवा सन्देशों व विचारों का आदान-प्रदान ही संचार कहलाता है। संचार अथवा सम्प्रेषण को संदेशवाहन, सन्देश, एवं अंग्रेजी में Communication आदि नामों से भी जाना जाता है। 

सम्प्रेषण अथवा संचार शब्द की उत्पत्ति लैटिन भाषा के कम्यूनिस (Communis) शब्द से हुई। कहा जाता है कि संचार शब्द लैटिन भाषा के कम्यूनिस तथा कम्यूनिकेयर शब्दों से मिलकर बना है।

संचार किसे कहते हैं- (संचार क्या है)

संचार (संप्रेषण) एकरेखीय प्रक्रिया है।

संचार शब्द लैटिन भाषा के कम्यूनिस से निकला है।

संचार एक मानवीय प्रक्रिया है।

संचार में कला व विज्ञान दोनों तत्व पाए जाते हैं।

 

ऑक्सफॉर्ड डिक्सनरी के अनुसार (Sanchar Kise Kahate Hain)- विचारों, जानकारी इत्यादि का विनिमय अर्थात् किसी दूसरे तक पहुँचना चाहे वह लिखित, मौखिक अथवा सांकेतिक हो- सम्प्रेषण कहलाता है।

इसे भी देखें- संचार पर आधारित Mock Test (For All Exam UGC NET


संचार किसे कहते हैं- परिभाषा (Sanchar Kise Kahate Hain)

संचार के साधन कौन-कौन से हैं

विद्वानों ने संचार की परिभाषा अलग-अलग रूप में दी है। संचार का क्या अर्थ है इसके विषय में विद्वानों का दूसरा वर्ग कहता है कि संचार एक प्रकार की कला तथा विज्ञान का समन्वय है। 

संचार में कला तथा विज्ञान दोनों तत्व पाए जाते हैं। लिखित, मौखिक, सांकेतिक आदि संचार के साधन हैं।

 

              संचार के साधन अथवा प्रकार

लिखित

पत्र, अखबार आदि।

मौखिक

ध्वनि सन्देश आदि।

सांकेतिक

चिह्न निर्देश आदि।

 

विभिन्न विद्वानों के अनुसार- संचार की परिभाषा (Sanchar Ki Paribhasha)

संचार किसे कहते हैं (Sanchar Kise Kahate Hain)- लिटिल विद्वान् के अनुसार, लिटिल कहते हैं- मानव संचार वह प्रक्रिया है, जिसके द्वारा कोई भी जानकारी पहले से समस्त प्रतीकों के द्वारा लोगों के बीच पारित की जाती है एवं वांछित प्रतिपुष्टि प्राप्त करना भी इसका अभीष्ट उद्देश्य होता है।

                         बार बार पूछा गया प्रश्न

संचार से जुडी अन्तर्राष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा किसके द्वारा की जाती है

उत्तर- यूनेस्को

 

संचार किसे कहते हैं (Sanchar Kise Kahate Hain)- जॉर्ज लेरी विद्वान के अनुसार दो या दो से अधिक व्यक्तियों के मध्य जब हम अपने विचारों का आदान-प्रदान करते हैं तो उसे संचार कहते हैं।

                          बार बार पूछा गया प्रश्न

संचार शब्द की उत्पत्ति किससे हुई है

उत्तर- लैटिन भाषा के कम्यूनिस शब्द से।

 

प्रभावी संचार किसे कहते हैं (Prabhavi Sanchar Kya hai)

केवल सूचनाओं के आदान-प्रदान को ही संचार नहीं कहते बल्कि सूचना भेजने वाला जो सन्देश भेज रहा है- उसका वांछित भाव भी दूसरे तक पहुँचना जरूरी है। संचार प्रभावी होना चाहिए। इसीलिए प्रभावी संचार को द्विमार्गी प्रक्रिया भी कहा जाता है।

प्रभावी संचार

Effective Communication

लेकिन, अब आप सभी के मन में भी यह सवाल पैदा हो गया होगा कि प्रभावी संचार की परीक्षा कैंसे करें। जी हाँ। संचार प्रभावी है कि नहीं। इसका पता कैंसे चलेगा।

तो आइये, जानते हैं इसका उत्तर है- संचार में प्रतिपुष्टि का होना। जी हाँ। प्रभावी संचार का पता प्रतिपुष्टि के द्वारा ज्ञात हो जाता है।

 

संचार माध्यम किसे कहते हैं (Sanchar Ke Madhyam Kise Kahate Hain)

संचार करने के लिए प्रयुक्त तरीकों को संचार माध्यम कहा जाता है। अर्थात् जिन युक्तियों के द्वारा व्यक्ति संचार करता है उन्हें संचार माध्यम कहा जाता है। 

उदाहरण के लिए- आजकल जैंसे कोई व्यक्ति जनसंचार करता है तो उसके लिए सोशल मीडिया एक सशक्त माध्यम है। संचार लिखित, मौखिक, सांकेतिक आदि किसी भी माध्यम से हो सकता है।

संचार माध्यम कितने प्रकार के हैं इस प्रश्न की जिज्ञासा के लिए यंहा कुछ संचार माध्यम के प्रकार दिए गये हैं, जिनके द्वारा आप बहुत आसानी से संचार तथा संचार माध्यमों को समझ सकते हैं।

                  संचार माध्यम के प्रकार

दृश्य संचार

टेलीविजन, मोबाइल आदि।

दृश्य श्रव्य संचार

रेडियो आदि।

मुद्रित संचार

अखबार, पत्रिका आदि।

 

संचार किसे कहते हैं- Sanchar Kise Kahate Hain Video Tutorial

उपरोक्त वीडियो में Anvita Academy इस यूट्यूब चैनल की मैडम जी ने संचार किसे कहते हैं? संचार के बारें में बहुत ही सरल व अच्छे तरीके से पूरी जानकारी दी है। मैडम जी और उनके चैनल का बहुत बहुत धन्यवाद।

संचार के मूल तत्व कौन कौन से हैं

संचार अर्थात् संप्रेषण के लिए किन-किन चीजों का होना अत्यावश्यक है। यह आप सभी को विदित ही होगा। संचार में सबसे पहले एक सन्देश भेजने वाला तथा सन्देश प्राप्त करने वाला दोनों अति आवश्यक होते हैं। 

इसके अतिरिक्त संचार में कुल 8 मूल तत्व और होते हैं, जो कि निम्नलिखित हैं।

                           संचार के मूल तत्व

        1    प्रेषक (Sender)

        2.     सन्देश (Message)      

        3    इन्कोडिंग (Encoding)

        4.     माध्यम (Medium)

        5    डिकोडिंग (Decoding)

        6.     प्राप्तकर्ता (Receiver)

        7    प्रतिक्रिया (Feedback)

        8.     शोर (Noise)

 

 

संचार के मुख्य उद्देश्य (Sanchar Ke Uddeshya)

वर्तमान की भागदौड भरी जिन्दगी में संचार की कितनी आवश्यकता है यह आप खुद ही अनुमान लगा सकते हैं। 

आपको यदि अभी किसी आवश्यक कार्य के लिए अपने मित्र, बन्धु आदि से बात करनी हो तो आप तुरंत व्हाटसप्, फेसबुक, कॉल आदि के द्वारा उसके साथ संचार करने लगते हैं। 

अतः वर्तमान युग में सचार की अत्यन्त आवश्यकता है। संचार किसे कहते हैं- इसकी चर्चा तो हम कर चुके हैं, लेकिन संचार की जरूरत क्यों पडती है। संचार का उद्देश्य क्या है।

                              संचार के उद्देश्य

  • स्वयं को अद्यत (अपडेट) रखने के लिए।

  • शिक्षा व कक्षा के लिए

  • समूह संचालन के लिए

  • प्रेरणा व मनोबल के लिए

  • नियंत्रण के लिए

  • सामाजिक एकता के लिए

 

 

संचार कितने प्रकार के होते हैं (Sanchar Ke Prakar)

वैंसे तो संचार विभिन्न प्रकार के होते हैं। चूंकि UGC NET PAPER 1 SYLLABUS के अनुसार (संचार के प्रकार) यह विषय लगा हुआ है। 

यदि आपके पास यूजीसी नेट पेपर वन का पाठ्यक्रम न हो तो आप यंहा क्लिक करके अभी देख तथा डाउनलोड कर सकते हैं- UGC NET FIRST PAPER SYLLABUS संचार के कितने प्रकार हैं- प्रत्येक के बारें में विस्तृत अध्ययन करना आवश्यक है, क्योंकि परीक्षा में संचार के प्रकारों से अक्सर हर बार प्रश्न पूछे जाते हैं। 

यँहा हमने केवल कुछ महत्वपूर्ण संचार के प्रकार बताए हैं। संचार के मुख्यरूप से निम्नप्रकार होते हैं-

                              संचार के प्रकार

       1    समूह संचार                

       2     जनसंचार

       3    औपचारिक संचार

       4.    अनौपचारिक संचार

       5  ‌  लिखित संचार

       6.    मौखिक संचार

       7    अन्तःवैयक्तिक संचार

       8.    अन्तर्वैयक्तिक संचार

 

इसके अतिरिक्त भी संचार के बहुत सारे प्रकार होते हैं। ये सभी संचार के प्रकार अलग-अलग आधारों पर होते हैं। जैंसे दिशा के आधार पर संचार के प्रकार- क्षैतिजसंचार, उर्ध्वाधरसंचार, तिर्यक संचार। 

इस प्रकार संचार के प्रकारों की विस्तृत चर्चा अगले लेख में की गयी है। संचार के प्रकारों को विस्तारपूर्वक जानने के लिए तथा UGC NET PAPER 1 तैयारी के लिए आप नीचे दिए गये लिंक पर जा सकते हैं।

इसे भी देखें- संचार पर आधारित महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तर


समूह संचार किसे कहते हैं (Samuh Sanchar Kise Kahate Hain)

वह संचार जो एक समुदाय में किया जाता है- समूह संचार कहलाता है। समूह संचार को ग्रुप कम्युनिकेशन (Group Communication) भी कहते हैं। समूह संचार में बहुत सारे लोग परस्पर आपस में संवाद करते हैं या वार्तालाप करते हैं।

आइए, समूह संचार को उदाहरण सहित समझते हैं छात्रों की एक मीटिंग समूह संचार का उदाहरण है। जहां पर छात्र आपस में परस्पर समूह के रूप में बातें करते हैं।


गैर मौखिक संचार किसे कहते हैं (Gar Maukhik Sanchar)

मौखिक संचार को लिखित संचार या सांकेतिक संचार भी कहते हैं। ठीक है सा संचार इसमें की ध्वनि का प्रयोग नहीं किया जाता है गैर मौखिक संचार कहलाता है। 

गैर मौखिक संचार का मतलब होता है- मौखिक संचार से रहित। गैर मौखिक संचार संकेतों की भाषा भी होती है

उदाहरण के लिए- गर्लफ्रेंड का ब्वाइफ्रेण्ड को पत्र लिखना अथवा व्हाटसप आदि पर सुन्दर सुन्दर इमोजी भेजकर संकेत रुप में बातें करना आदि।


Sanchar Kise Kahate Hain Class 11th

संचार एक ऐसा विषय है जो कि विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछा जाता है। फिर चाहे वह प्राथमिक स्तर हो या फिर माध्यमिक स्तर या उच्च स्तर। संचार अपने आप में एक बहुत ही महत्वपूर्ण विषय है। 

संचार किसे कहते हैं Class 11th के छात्रों के लिए भी यह विषय काफी महत्वपूर्ण है। अपने विचारों को लिखित मौखिक या सांकेतिक तरीके से किसी दूसरे तक पहुंचाना ही संचार कहलाता है।  

संचार की परिभाषा एवं संचार किसे कहते हम बता चुके हैं चाहे कोई भी कक्षा हो कोई भी स्तर। संचार  की परिभाषा वही है जो हम आपको बता चुके हैं।


संचार किसे कहते हैं Class 12th

जैंसे कि हमने अभी बताया संचार किसे कहते हैं। संचार का यह विषय सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। प्राथमिक स्तर से लेकर उच्चतम स्तर तक संचार का विषय हर जगह पूछा जाता है। 

संचार की परिभाषा एक ही है- आपस में अपने विचारों को किसी भी तरीके से दूसरे तक पहुंचाना ही संचार कहलाता है यह Class 12th के छात्रों के लिए भी महत्वपूर्ण है। दिल से धन्यवाद। आपका 


आपको ये भी पसंद आ सकते हैं 👇👇

UGC NET PAPER 1 तैयारी

CLICK HERE

 


घर बैठे संस्कृत बोलना सीखें-



CLICK HERE

 


यूजीसीनेट फर्स्ट पेपर नोट्स



CLICK HERE



पुराणों के नोट्स सभी परीक्षाओं हेतु रामबाण- क्लिक करो आगे


CLICK HERE

 




Post a Comment

5 Comments

  1. This comment has been removed by the author.

    ReplyDelete
  2. बहुत हि सरल और स्पष्ट लेख‌। बहुत बढ़िया। धन्यवाद।

    ReplyDelete
  3. भारतीय विद्वानों के अनुसार संचार की परिभाष क्या है ?

    ReplyDelete
  4. संसार की परिभाषा इस से सरल रूप में हो ही नहीं सकती. # thanks sanskritexam.com

    ReplyDelete
  5. Thanks to All Of You...keep visiting.

    ReplyDelete

आपको यह लेख (पोस्ट) कैंसा लगा? हमें कमेंट के माध्यम से अवश्य बताएँ। SanskritExam. Com वेबसाइट आपके कमेंट को दिल ❤ से प्यार करेगी।